रेवाड़ी: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के रेवाड़ी दौरे से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले कांग्रेस के कुछ नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के आरोप सामने आए हैं। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लेकर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी की ओर से सवाल उठाया गया है कि अगर कोई नेता सरकार की नीतियों या स्थानीय मुद्दों को लेकर अपनी बात रखना चाहता है, तो क्या उसे पुलिस की निगरानी या हिरासत का सामना करना पड़ेगा?
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने भी हिरासत में लिए जाने का किया दावा
रेवाड़ी ग्रामीण कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुभाष छावड़ी ने दावा किया है कि पुलिस ने उन्हें रात से ही हिरासत में रखा हुआ है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पुलिस ने विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर नजर बढ़ा दी है। कांग्रेस नेता का कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया था जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा हो।
इसके बावजूद उन्हें पुलिस द्वारा रोककर रखा गया। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी देखी जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना है। यदि इसी वजह से नेताओं को हिरासत में लिया जाता है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता की बात है।
कांग्रेस ने पूछा- क्या अब सवाल पूछना भी अपराध है?
कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार के सामने अपनी बात रखना हर राजनीतिक दल का अधिकार है। पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले विपक्षी नेताओं को रोकना इस बात का संकेत है कि सरकार विरोध की आवाज सुनने के बजाय उसे दबाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस की ओर से सवाल किया गया कि “लोकतंत्र में आवाज उठाना क्या अब अपराध है?” पार्टी नेताओं ने कहा कि अगर किसी नेता या कार्यकर्ता के खिलाफ कोई कानूनी मामला है तो पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई करे, लेकिन केवल राजनीतिक कार्यक्रम या विरोध की आशंका के आधार पर नेताओं को हिरासत में लेना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पुलिस की तैयारियां
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के रेवाड़ी दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां की गई हैं। वीआईपी दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखना पुलिस की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में पुलिस की ओर से कुछ लोगों को एहतियातन रोकने या निगरानी में रखने की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आ सकती है। कांग्रेस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में रखना अलग मामला है। पार्टी ने पुलिस प्रशासन से कार्रवाई का आधार स्पष्ट करने की मांग की है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी
नेताओं की हिरासत की खबर सामने आने के बाद स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि विपक्ष को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार के कार्यक्रमों के दौरान विरोध की आवाज को रोकने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना या सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है। यदि कोई व्यक्ति कानून तोड़ता है या हिंसा करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों को रोकना सही नहीं है।
कार्रवाई पर सरकार और पुलिस के जवाब का इंतजार
इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कांग्रेस नेताओं को किन परिस्थितियों में हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गई है या नहीं। मुख्यमंत्री के रेवाड़ी दौरे से पहले हुई इस कार्रवाई ने प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
एक तरफ पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी तैयारियों में जुटा है, वहीं कांग्रेस इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि पुलिस इस हिरासत को लेकर क्या वजह बताती है और सरकार कांग्रेस के आरोपों पर क्या जवाब देती है। रेवाड़ी में मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक माहौल भी काफी गर्म नजर आ रहा है।

