घनौर/पटियाला: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधा। शनिवार को पंजाब के पटियाला जिले के घनौर कस्बे में आयोजित तीज महोत्सव में मातृशक्ति को संबोधित करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से चुनाव के दौरान महिलाओं और युवाओं से किए गए वादों का हिसाब मांगा। नायब सैनी ने कहा कि राजनीति में केवल भाषण, दावे और चुटकुले सुनाने से काम नहीं चलता। जनता को सरकार के काम जमीन पर दिखाई देने चाहिए।
महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने के वादे पर सवाल
नायब सैनी ने आम आदमी पार्टी के उस चुनावी वादे का जिक्र किया, जिसमें पंजाब की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान महिलाओं से कई बड़े वादे किए गए थे, लेकिन अब जब अगला चुनाव करीब आ रहा है, तब भी इन वादों को लेकर सवाल बने हुए हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री मंच से महिलाओं से यह पूछ रहे हैं कि उनके खाते में एक महीने के पैसे डाले जाएं, दो महीने के या तीन महीने के। नायब सैनी ने कहा कि अगर चुनाव के इतने समय बाद भी सरकार इसी तरह वादों की बात कर रही है तो यह महिलाओं के साथ मजाक जैसा है।
‘सिर्फ चुटकुलों से नहीं चलती सरकार’
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार चलाने के लिए केवल मंच से लोगों का मनोरंजन करना पर्याप्त नहीं है। जनता सरकार से अपने जीवन में बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार के काम कागजों और भाषणों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर आम लोगों की जिंदगी में नजर आना चाहिए। नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा में उनकी सरकार ने महिलाओं और दूसरे वर्गों से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम किया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी घेरा
नायब सैनी ने पंजाब में युवाओं की स्थिति को लेकर भी आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की तरक्की के लिए उद्योग, रोजगार और बेहतर कानून व्यवस्था बेहद जरूरी हैं। अगर इन क्षेत्रों में स्थिति खराब होती है तो इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर उद्योग जगत में चिंता है। इसके चलते कई उद्योग राज्य से बाहर जाने का फैसला कर रहे हैं। नायब सैनी के मुताबिक, उद्योगों के कमजोर होने से रोजगार के अवसर घटते हैं और इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ता है।
‘नशे के दलदल में फंस रहा युवा’
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने और भविष्य को लेकर निराशा बढ़ने से बड़ी संख्या में युवा नशे की समस्या की चपेट में आ रहे हैं। नायब सैनी ने कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी सिर्फ योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने पंजाब सरकार से कानून व्यवस्था और रोजगार के मुद्दे पर गंभीरता से काम करने की जरूरत बताई।
हरियाणा मॉडल का किया जिक्र
तीज महोत्सव के दौरान नायब सैनी ने हरियाणा सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब सिर्फ चुनावी घोषणाओं पर भरोसा नहीं करती। लोग यह देखना चाहते हैं कि सरकार ने अपने वादों को कितना पूरा किया और उनके जीवन में वास्तव में क्या बदलाव आया। इसी आधार पर जनता सरकारों का मूल्यांकन करती है।
चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच नायब सैनी का यह बयान अहम माना जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर भगवंत मान सरकार को महिलाओं, युवाओं, रोजगार, कानून व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर घेरा। नायब सैनी ने कहा कि आने वाले समय में जनता के सामने सभी सरकारों के काम और उनके चुनावी वादे होंगे। ऐसे में राजनीतिक दलों को यह बताना होगा कि उन्होंने जनता से जो कहा था, उसमें से कितना पूरा किया। उन्होंने पंजाब सरकार से महिलाओं और युवाओं से किए गए वादों का जवाब देने की मांग की।
तीज महोत्सव में अपने संबोधन के दौरान नायब सैनी ने महिलाओं को प्रदेश और समाज की मजबूती का आधार बताते हुए कहा कि महिलाओं का सम्मान और उनका आर्थिक सशक्तीकरण किसी भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी वादे तभी मायने रखते हैं, जब उनका लाभ वास्तव में लोगों तक पहुंचे।


