Jauhar University: कभी आजम खान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति का केंद्र रही मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है। लेकिन इस बार वजह कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर मंडरा रहा बुलडोजर का खतरा है। 15 जुलाई को रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की तरफ से जारी गिराने के नोटिस के बाद से रामपुर का राजनीतिक पारा आसमान छू रहा है। लेकिन इस पूरी कवायद में जो सबसे बड़ा बदलाव दिखा है, वो है समाजवादी पार्टी का रुख। आजम खान के जेल जाने के बाद जो सपा अंदरूनी तौर पर थोड़ी बिखरी और खामोश दिख रही थी, वो अब इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह से एकजुट हो चुकी है।
विधायकों के बाद अब सांसदों ने संभाला मोर्चा
सपा इस पूरे मामले को आर-पार की लड़ाई मानकर चल रही है। शुरुआत में खुद पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और नेता प्रतिपक्ष की अगुवाई में 49 विधायकों और पूर्व विधायकों का एक दल रामपुर पहुँचा था। इस दौरे ने सोई हुई पार्टी में नई जान फूंकने का काम किया।
इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को सपा के दिग्गज सांसदों की एक फौज रामपुर पहुँची। Jauhar University
इस प्रतिनिधिमंडल में: ज़ियाउर रहमान बर्के, रुचि वीरा, इकरा हसन, हरेंद्र सिंह मलिक, जावेद अली खान, राजीव राय और नीरज मौर्य जैसे बड़े सांसद शामिल रहे। स्थानीय स्तर पर कमान सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर संभाले हुए हैं। चर्चा का विषय: इस पूरी हलचल के बीच रामपुर के अपने ही सपा सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी की गैरमौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा और पार्टी के भीतर तरह-तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। Jauhar University
सड़कों पर उतरे छात्र, नेताओं ने दिया ढांढस
प्रशासन के इस कदम से सबसे ज्यादा घबराए हुए वे छात्र हैं जो यहाँ पढ़ाई कर रहे हैं। नोटिस के बाद से ही कैंपस के बाहर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है और वे लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का सीधा सवाल है—”इमारतों के झगड़े में हमारे भविष्य की बलि क्यों दी जा रही है?” रामपुर पहुँचे सपा सांसदों ने प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच जाकर उनसे लंबी बातचीत की। नेताओं ने छात्रों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि पार्टी उनके भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी और इस लड़ाई को सड़क से लेकर संसद तक लड़ा जाएगा। Jauhar University
आखिर विवाद किस बात का है?
प्रशासन (RDA) का पक्ष: विकास प्राधिकरण का कहना है कि यूनिवर्सिटी की कुल 40 इमारतों में से सिर्फ 2 (मेडिकल कॉलेज और एकेडमिक ब्लॉक) का ही नक्शा पास है। बाकी 38 इमारतें बिना मंजूरी के बनाई गई हैं, इसलिए वे अवैध हैं। सपा और यूनिवर्सिटी का तर्क: सपा नेताओं का कहना है कि जब इन इमारतों की नींव रखी गई थी, तब यह पूरा इलाका रामपुर विकास प्राधिकरण के दायरे (Master Plan) में आता ही नहीं था। जब इलाका ही RDA में नहीं था, तो नक्शा पास कराने का कोई मतलब ही नहीं बनता। Jauhar University
सपा का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई केवल राजनीतिक बदले की नीयत से की जा रही है ताकि आजम खान की बनाई इस संस्था को कमजोर किया जा सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की कार्रवाई आगे बढ़ती है या सपा का यह सियासी दबाव कोई नया मोड़ लेकर आता है। Jauhar University


