अयोध्या राम मंदिर दान घोटाला| अगले 24 से 48 घंटे में SIT सौंप सकती है फाइनल रिपोर्ट, CCTV में कैश छिपाते दिखे थे कर्मी

अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में दान के पैसे के कथित गबन के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) अगले 24 से 48 घंटों (गुरुवार या शुक्रवार) के भीतर उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप सकता है। सूत्रों के मुताबिक, यूपी सरकार द्वारा SIT को दी गई समयसीमा को अब और आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

बता दें कि 1 जुलाई को यूपी सरकार ने जांच का दायरा बढ़ाने और सभी पहलुओं की गहन जांच करने के लिए SIT को 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया था, जो अब पूरा होने जा रहा है।

मुख्य बातें (Key Highlights)

1.अंतिम रिपोर्ट: अगले 24 से 48 घंटों में यूपी सरकार को रिपोर्ट सौंप सकती है 2.SIT।सीसीटीवी का खुलासा: अप्रैल से जून 2026 के बीच करीब 70 संदिग्ध घटनाएं CCTV में कैद हुईं।

2.लापरवाही उजागर: दानघर में सुरक्षा और तलाशी की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं थी।
3.बड़ी बरामदगी: अब तक करीब 81 लाख रुपये से अधिक का कैश बरामद किया जा चुका है।
4.इस्तीफों का दौर: चंपत राय समेत ट्रस्ट के कई बड़े अधिकारियों के इस्तीफे मंजूर किए जा चुके हैं।

CCTV फुटेज ने खोली पोल, पैसे छिपाते दिखे कर्मचारी

SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट में मंदिर परिसर की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच सीसीटीवी कैमरों में लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं दर्ज की गईं। इन फुटेज में दान के पैसे गिनने वाले कुछ कर्मचारी कैश के बंडलों (Wads of Cash) को छिपाते हुए साफ तौर पर देखे गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था में थीं ये बड़ी कमियां: SIT ने अपनी रिपोर्ट में उन कारणों का भी जिक्र किया है जिनकी वजह से इस गबन को अंजाम देना आसान हुआ:

1. कोई तलाशी नहीं: दानघर (Counting Room) में आने-जाने वाले कर्मचारियों की एंट्री और एग्जिट के वक्त कोई शारीरिक तलाशी (Frisking) नहीं ली जाती थी।

2. निजी सामान पर नियंत्रण नहीं: कर्मचारियों के व्यक्तिगत सामान और बैग आदि को अंदर ले जाने पर कोई सख्त रोक नहीं थी।

3. मिक्स काउंटिंग: कई अलग-अलग दानपेटियों से निकाले गए कैश को एक साथ मिलाकर गिना जाता था, जिससे किस पेटी में कितना पैसा था, इसका सटीक रिकॉर्ड रखना मुश्किल हो गया।बाथरूम से बरामद हुआ था कैश, चांदी की ईंटें सुरक्षित ” जांच शुरू होने से पहले ही पुलिस और प्रशासन ने कुछ संदिग्ध कर्मचारियों के पास से लगभग 78.94 लाख रुपये* बरामद किए थे। इसके बाद, 4 जून 2026 को काउंटिंग रूम से जुड़े वॉशरूम (बाथरूम) से भी 2.25 लाख रुपये* का लावारिस कैश बरामद किया गया था।

हालांकि, SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का पूरी तरह खंडन किया है, जिनमें चांदी की ईंटें या अन्य कीमती सामान गायब होने का दावा किया जा रहा था। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि कीमती सामानों के गायब होने का कोई शुरुआती सबूत नहीं मिला है।

सुप्रीम कोर्ट सख्त, ट्रस्ट के कई बड़े चेहरों के इस्तीफे

इस बड़े मामले में अब देश की सबसे बड़ी अदालत भी दखल दे चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने केंद्र सरकार, यूपी सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने SIT से अपनी कंपोजिशन (गठन) और अब तक की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई आगामी सोमवार को होगी।

इधर, अयोध्या की स्थानीय अदालत ने मामले के सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी है। अब इन सभी को 27 जुलाई को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।

इस दान घोटाले की आंच मंदिर ट्रस्ट के शीर्ष अधिकारियों तक भी पहुंच चुकी है। भारी दबाव के बीच ट्रस्ट ने अपने तत्कालीन महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और गोपाल राव समेत कई शीर्ष अधिकारियों के इस्तीफे पहले ही स्वीकार कर लिए हैं।

 

 

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