Lucknow Fire Accident: लखनऊ अग्निकांड में बाराबंकी के दो युवकों की मौत, लखपेड़ाबाग के अम्मार और फतेहपुर के मो. शहजान ने गंवाई जान, घरों में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित कोचिंग सेंटर की इमारत में हुए भीषण अग्निकांड ने बाराबंकी के दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में बाराबंकी के दो युवकों की मौत हो गई, जिसकी सूचना मिलते ही उनके घरों और मोहल्लों में मातम पसर गया।
नगर कोतवाली क्षेत्र के लखपेड़ाबाग मोहल्ले में हनफिया मस्जिद के पास रहने वाले मोहम्मद अम्मार (24) पुत्र मंसूर आलम की आग की चपेट में आने से मौत हो गई। मोहल्ले के लोगों के अनुसार अम्मार लखनऊ में उसी बिल्डिंग में ग्राफिक्स डिजाइनर के रूप में काम करता था, जिसमें कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था। आग लगने के समय वह भवन के अंदर मौजूद था और गंभीर रूप से झुलस गया।
हादसे की सूचना मिलते ही परिजन लखनऊ के लिए रवाना हो गए, लेकिन बाद में अम्मार की मौत की खबर मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। पड़ोसियों ने बताया कि अम्मार मेहनती और मिलनसार स्वभाव के युवक थे। मृतक मोहम्मद अम्मार के मित्र फैज अहमद खान ने बताया कि हादसे से थोड़ी देर पहले ही उन दोनों की बात हुई थी। फैज के मुताबिक अम्मार तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। अम्मार को दो छोटे भाइयों के नाम उमैर व अल्तमश है।
फैज ने बताया कि अम्मार के पिता मंसूर आलम की कुरौली में वेल्डिंग की दुकान है। वही अमर के पड़ोसी अमजाद अली ने बताया कि इस हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। मृतक अम्मार बहुत ही अच्छा लड़का था। उसकी मौत की खबर के बाद से हम लोग बेहद दुखी हैं। वहीं, इसी अग्निकांड में तहसील फतेहपुर के मोहल्ला काजीपुर निवासी मो. शहजान (19) पुत्र मो. इमरान की भी मौत हो गई।
आग लगने के बाद शहजान ने अपनी मां नसरीन फातिमा को फोन कर बताया था कि बिल्डिंग में आग लग गई है और वह अंदर फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही जानकीपुरम में रह रही उनकी मां रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुंची, लेकिन उन्हें बेटे का शव ही मिल सका। जिस इमारत में आग लगी थी, शहजान उसके दूसरे तल पर संचालित हेड हॉपर्स स्टूडियो में बतौर प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहा था। स्टूडियो में 3डी आर्ट प्रोडक्शन और गेम आउटसोर्सिंग का कार्य किया जाता है।
चचेरे भाई मो. फैसल ने बताया कि शहजान यहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था। परिजनों के अनुसार शहजान परिवार में तीन बहनों के बीच इकलौता पुत्र था। उसके पिता मो. इमरान दुबई में नौकरी करते हैं। चार भाइयों में सबसे छोटे इमरान ने बच्चों की बेहतर शिक्षा और परवरिश के लिए परिवार को फतेहपुर से लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया था।
रिपोर्ट- संजय यादव (बाराबंकी)

