नोएडा: गौतमबुद्ध नगर जिले में अगले कुछ दिनों तक पुलिस-प्रशासन की ओर से कई तरह की पाबंदियां लागू रहेंगी। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कानून व्यवस्था बनाए रखने, आगामी त्योहारों और परीक्षाओं को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। यह आदेश 23 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति के पांच या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर रोक रहेगी। इसके अलावा जुलूस, धरना-प्रदर्शन, धार्मिक आयोजन और अन्य सामूहिक कार्यक्रमों के लिए भी पुलिस-प्रशासन की अनुमति लेना जरूरी होगा।
आखिर धारा 163 क्या है?
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS में धारा 163 ऐसी परिस्थितियों में लागू की जाती है, जब प्रशासन को किसी इलाके में शांति और कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो। इसके तहत जिला प्रशासन लोगों की गतिविधियों पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगा सकता है। आसान भाषा में समझें तो इसका मकसद लोगों को बेवजह परेशान करना नहीं, बल्कि ऐसी गतिविधियों को नियंत्रित करना है, जिनसे भीड़ बढ़ सकती है, तनाव पैदा हो सकता है या कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
नोएडा में लागू आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, जरूरी सेवाओं और प्रशासन की ओर से अधिकृत गतिविधियों पर संबंधित नियम लागू होंगे।
बिना अनुमति नहीं निकलेगा जुलूस और प्रदर्शन
धारा 163 लागू रहने के दौरान किसी भी तरह का जुलूस, धरना, प्रदर्शन या सामूहिक कार्यक्रम आयोजित करने से पहले पुलिस-प्रशासन की अनुमति लेनी होगी। इसका मतलब यह है कि अगर किसी संगठन, सामाजिक समूह या अन्य संस्था को किसी मुद्दे पर प्रदर्शन करना है, तो वह बिना अनुमति के सड़क या सार्वजनिक स्थान पर भीड़ जुटाकर कार्यक्रम नहीं कर सकेगा।
इसी तरह धार्मिक आयोजनों या जुलूसों के लिए भी निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी आयोजन की वजह से यातायात, आम लोगों की आवाजाही या कानून व्यवस्था प्रभावित न हो।
ड्रोन उड़ाने पर भी रहेगी पाबंदी
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इस अवधि के दौरान ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर भी सख्ती रहेगी। सरकारी कार्यालयों और संवेदनशील स्थानों के आसपास बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर रोक रहेगी। प्रशासन की ओर से यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। किसी भी व्यक्ति या संस्था को ड्रोन का इस्तेमाल करने से पहले लागू नियमों और आवश्यक अनुमति की जानकारी लेनी होगी।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक
धारा 163 के दौरान ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी नियमों का पालन करना होगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा दिन में भी किसी कार्यक्रम में ध्वनि की आवाज निर्धारित परिसर और अनुमत सीमा के भीतर रखने के निर्देश हैं। धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजकों को इन नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा।
त्योहार और परीक्षाओं को देखते हुए फैसला
प्रशासन ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब जिले में आने वाले दिनों में कई गतिविधियां होने वाली हैं। त्योहारों के साथ-साथ परीक्षाओं और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के चलते शहर में भीड़ और आवाजाही बढ़ सकती है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और यहां लगातार सार्वजनिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। ऐसे में प्रशासन पहले से ही सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरत रहा है।
सोशल मीडिया पर भी नजर
ऐसे प्रतिबंधों के दौरान पुलिस और प्रशासन सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक या विवादित सामग्री को लेकर भी सतर्क रहते हैं। लोगों से अपील की जाती है कि वे किसी भी अफवाह या अपुष्ट जानकारी को आगे न बढ़ाएं। अगर किसी पोस्ट, वीडियो या मैसेज से तनाव की स्थिति पैदा होने की आशंका हो, तो उसे बिना सत्यापन के शेयर करने से बचना चाहिए। कानून व्यवस्था से जुड़ी स्थिति में प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना बेहतर होगा।
कब तक लागू रहेंगे प्रतिबंध?
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लागू धारा 163 के तहत ये प्रतिबंध 23 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे। इस अवधि में सार्वजनिक स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के जुटने, बिना अनुमति प्रदर्शन या जुलूस निकालने, प्रतिबंधित क्षेत्रों में ड्रोन उड़ाने और रात के समय लाउडस्पीकर के इस्तेमाल जैसे मामलों में प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
यानी अगले कुछ दिनों तक नोएडा-ग्रेटर नोएडा में अगर आप किसी सामूहिक कार्यक्रम, जुलूस, धरना या धार्मिक आयोजन की योजना बना रहे हैं, तो पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेना जरूरी होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जा सकती है।


