गाजियाबाद: इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में रेस्तरां संचालक अमित सैनी की हत्या का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पुलिस जांच में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी करीब तीन घंटे तक अमित के शव के साथ कार में घूमते रहे और पूरी कोशिश करते रहे कि पुलिस को गुमराह किया जा सके। हालांकि जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों ने आरोपियों की इस साजिश को नाकाम कर दिया।
बचपन की दोस्ती बनी मौत की वजह
पुलिस के अनुसार, अमित सैनी की हत्या किसी बाहरी दुश्मनी का नतीजा नहीं, बल्कि उन्हीं लोगों ने की जिनके साथ उनका वर्षों पुराना दोस्ताना रिश्ता था। 22 जुलाई को अमित अपने बचपन के दोस्त विजय शर्मा और उसके साथियों विनय और सागर के साथ गुरुग्राम स्थित शीतला माता मंदिर गए थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर अमित की जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
मंदिर से लौटते समय कनावनी हिंडन रोड के पास कार में ही अमित पर हमला किया गया। आरोप है कि पीछे की सीट पर बैठे सागर ने बेहद करीब से अमित के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही अमित की मौके पर ही मौत हो गई।
लाश के साथ घूमते रहे आरोपी
जांच में सामने आया है कि हत्या के तुरंत बाद आरोपी घबरा गए थे। पुलिस से बचने और वारदात को छिपाने के लिए वे करीब तीन घंटे तक अमित के शव के साथ कार में इधर-उधर घूमते रहे। इस दौरान उन्होंने ऐसी कहानी तैयार करने की कोशिश की जिससे हत्या का शक किसी और दिशा में चला जाए। हालांकि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम को जोड़ लिया। जांच में कई ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने आरोपियों की बनाई पूरी कहानी पर सवाल खड़े कर दिए।
कार में मिली थी अमित की लाश
वारदात के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो अमित का शव कार की आगे वाली सीट पर मिला। उसका सिर डैशबोर्ड की तरफ झुका हुआ था और सिर में गोली लगने के स्पष्ट निशान थे। घटनास्थल की स्थिति देखकर पुलिस ने इसे सुनियोजित हत्या माना और उसी दिशा में जांच शुरू कर दी।
मुख्य आरोपी अब भी फरार
मामले में नामजद आरोपी विजय शर्मा पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है, लेकिन विनय और सागर अभी भी फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए गाजियाबाद पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस टीम दिल्ली, गुरुग्राम और हरियाणा के एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है, लेकिन अब तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिला है।
जल्द गिरफ्तारी का दावा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और हत्या के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा किया जाएगा।
हर एंगल से हो रही जांच
फिलहाल पुलिस इस हत्याकांड की हर पहलू से जांच कर रही है। हत्या के पीछे की असली वजह, आरोपियों के बीच हुई बातचीत, घटना से पहले और बाद की गतिविधियां तथा सभी तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब भरोसेमंद दोस्त ही दुश्मन बन जाएं, तो किसी पर विश्वास करना कितना मुश्किल हो जाता है।


