Gallantry Medal: उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गर्व का क्षण है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘गैलेंट्री मेडल’ (वीरता पदक) के लिए उत्तर प्रदेश के 17 अधिकारियों का चयन किया गया है। इस सूची में गाजियाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) राहुल पाल का नाम प्रमुखता से शामिल है। राहुल पाल को यह सम्मान उनके द्वारा दिखाई गई अद्भुत वीरता और विषम परिस्थितियों में की गई त्वरित कार्रवाई के लिए दिया जा रहा है।
जलती आग में घुसकर बचाई जान
सीएओ राहुल पाल की बहादुरी की चर्चा न केवल प्रशासनिक गलियारों में है, बल्कि आम जनता में भी उनके प्रति भारी सम्मान है। उनके साहसिक कार्यों में सबसे प्रमुख घटना इंदिरापुरम स्थित मॉल में लगी भीषण आग रही। मॉल के भीतर विभिन्न स्थानों पर करीब 595 लोग फंसे हुए थे, जो आग और धुएं के बीच दम तोड़ रहे थे। राहुल पाल ने बिना अपनी जान की परवाह किए, सूझबूझ के साथ बचाव अभियान चलाया और सुरक्षित रूप से सभी 600 लोगों को बाहर निकाला। जिनमें मॉल कर्मी और आम लोग शामिल थे। उनका वीरता से भरा यह कार्य किसी चमत्कार से कम नहीं था।

सेवा का सफर और आंकड़ों में दर्ज बहादुरी
राहुल पाल ने 3 नवंबर 2022 को गाजियाबाद में अपना कार्यभार संभाला था। तब से लेकर अब तक उन्होंने जिले की अग्निशमन व्यवस्था को एक नई दिशा दी है। उनके कार्यकाल के दौरान जिले में हजारों घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिन्हें नियंत्रित करने में राहुल पाल की भूमिका निर्णायक रही है।
उनके कार्य का वार्षिक विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है-
| वर्ष | आग की घटनाओं की संख्या |
|---|---|
| 2022 (3 नवंबर से) | 139 |
| 2023 | 1058 |
| 2024 | 1607 |
| 2025 | 1437 |
| 2026 अप्रेल तक | 580 |
| कुल | 4821 |
गाजियाबाद में हर पल चुनौती
राहुल पाल केवल कार्यालय में बैठकर आदेश देने वाले अधिकारी नहीं हैं, बल्कि वे अक्सर स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर अपनी टीम का मनोबल बढ़ाते हैं। 2024 में लोनी क्षेत्र में एक मकान में लगी आग के दौरान 6 लोग फंस गए थे। राहुल पाल की अगुवाई में टीम ने मोर्चा संभाला और 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इंदिरापुरम की एक आवासीय सोसाइटी के फ्लैट में लगी आग से 12 लोगों की जान बचाना उनकी बहादुरी का एक और जीवंत उदाहरण है। इसी के साथ साहिबाबाद की एक केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग पर काबू पाने के लिए उन्होंने तीन दिनों तक लगातार घटनास्थल पर डटकर काम किया, जिससे आसपास के क्षेत्र में बड़ा हादसा टल गया।
सम्मान की हकदार कर्तव्यनिष्ठा
राष्ट्रपति का वीरता पदक केवल एक पुरस्कार नहीं है, बल्कि यह उस साहस का सम्मान है जो वर्दी पहनने वाले हर व्यक्ति की प्रेरणा है। राहुल पाल का नाम अब उन जांबाजों की सूची में शुमार हो गया है जिन्होंने अपने कर्तव्य को जीवन से बढ़कर माना है। उनके इस सम्मान से गाजियाबाद फायर विभाग का मान बढ़ा है और यह पूरे प्रदेश के पुलिस व अग्निशमन बल के लिए गर्व का विषय है।
कर्तव्य पथ पर अडिग साहस
राहुल पाल ने अपने कार्यकाल के दौरान कई चुनौतीपूर्ण स्थितियों में न केवल जान-माल की रक्षा की है, बल्कि अपने विभाग का नेतृत्व भी बेहद कुशलता से किया है। उनकी कार्यशैली और विपरीत परिस्थितियों में संयम बनाए रखने की क्षमता ने उन्हें यह विशिष्ट पहचान दिलाई है। गाजियाबाद जैसे घनी आबादी और औद्योगिक क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है, जिसे राहुल पाल ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से बखूबी संभाला है।
बहादुरी का प्रतीक
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मिलने वाला यह पदक न केवल उनके व्यक्तिगत साहस का प्रमाण है, बल्कि यह गाजियाबाद फायर विभाग के उन सभी कर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो दिन-रात नागरिकों की सुरक्षा के लिए समर्पित रहते हैं। उनके इस सम्मान से स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों में भी हर्ष का माहौल है।
रिपोर्ट- सोनू सिंह @Nation27
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