गाजियाबाद: दिल्ली के विवेकानंद स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा ने कथित तौर पर लगातार हो रही बुलिंग और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में छात्रा के पिता ने उसकी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र और उसके तीन परिजनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का आरोप है कि छात्रा को स्कूल के कुछ छात्रों की ओर से लगातार परेशान किया जा रहा था। आरोप है कि व्हाट्सएप ग्रुप और चैट के जरिए उसके साथ आपत्तिजनक बातें की जाती थीं और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इसी दौरान एक छात्र की ओर से कथित तौर पर धमकी भरे मैसेज भी किए गए, जिनमें उसके माता-पिता को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कही गई थीं।
परिजनों के मुताबिक, छात्रा को व्हाट्सएप पर लगातार ऐसे मैसेज मिल रहे थे, जिससे वह काफी तनाव में रहने लगी थी। आरोप है कि एक छात्र ने बातचीत के दौरान यह तक कहा था कि वह उसके मां-बाप को भी पीटेगा। इस तरह के मैसेज सामने आने के बाद परिवार को अंदाजा हुआ कि छात्रा काफी समय से मानसिक दबाव में थी।
परिजनों का कहना है कि शुरुआत में छात्रा ने हर बात खुलकर परिवार को नहीं बताई। धीरे-धीरे उसके व्यवहार में बदलाव नजर आने लगा। वह परेशान रहने लगी और अपने आसपास की परिस्थितियों को लेकर तनाव में थी। परिवार के मुताबिक, उसे इस बात का डर भी था कि स्कूल में उसके साथ क्या हो रहा है, इसकी जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और खराब हो सकती है।
घटना के बाद छात्रा के पिता ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसकी कक्षा में पढ़ने वाले छात्र और उसके तीन परिजनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब छात्रा और आरोपी छात्र के बीच हुई बातचीत, WhatsApp चैट और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्रा को कितने समय से परेशान किया जा रहा था और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे।
मामले में डिजिटल साक्ष्य अहम माने जा रहे हैं। पुलिस व्हाट्सएप पर हुई बातचीत, मैसेज और अन्य उपलब्ध जानकारी को खंगाल रही है। इसके साथ ही पुलिस छात्रा के स्कूल से भी जरूरी जानकारी जुटा सकती है, ताकि यह पता चल सके कि वहां उसके साथ किसी तरह की बुलिंग या विवाद की शिकायत पहले सामने आई थी या नहीं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी छात्र और छात्रा के बीच किस बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। साथ ही, आरोपी छात्र के परिजनों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पिता की शिकायत में छात्र के अलावा उसके तीन परिजनों को भी आरोपी बनाया गया है।
छात्रा के परिवार का आरोप है कि लगातार मिल रहे धमकी और परेशान करने वाले संदेशों ने उसकी मानसिक स्थिति पर गहरा असर डाला। परिवार का कहना है कि अगर समय रहते इस तरह की बुलिंग पर रोक लगाई जाती और मामले को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने स्कूलों में होने वाली बुलिंग के साथ-साथ व्हाट्सएप और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बच्चों को परेशान किए जाने के मुद्दे को भी सामने ला दिया है। कई बार छात्र स्कूल के बाहर होने वाली ऑनलाइन बुलिंग की जानकारी परिवार या शिक्षकों को नहीं दे पाते। ऐसे में मामला धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकता है। गाजियाबाद के इस मामले में भी पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा को किस तरह के संदेश भेजे गए और उनका उसकी मौत से क्या संबंध था। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

