उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में सिकंदरपुर गांंव के लोगों द्वारा हर साल क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाता है। यह क्रिकेट टूर्नामेंट अब गांव की सामाजिक एकता और युवाओं के जज़्बे का प्रतीक बन चुका है। यहां के नौजवान बड़े उत्साह और लगन से इस टूर्नामेंट को हर साल पहले से भी बेहतर और भव्य बनाने में जुटे रहते हैं।
युवाओं की मेहनत, हर कदम पर भागीदारी
गांव के युवा हर काम में कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं मैदान तैयार करने से लेकर टूर्नामेंट की पूरी व्यवस्था जुटाने तक हर कार्य के लिए युवा तैयार रहते हैं। आकर्षक जर्सी, बेहतरीन साउंड सिस्टम, टेंट, खान-पान की व्यवस्था, चमचमाती ट्रॉफियां और अच्छी क्वालिटी की क्रिकेट किट-इन सबका इंतज़ाम मिल-जुलकर किया जाता है। यही सामूहिक प्रयास इस आयोजन को खास बनाता है।
टीम भावना और आपसी सहयोग की मिसाल
यह टूर्नामेंट दिखाता है कि जब युवा किसी अच्छे मकसद के लिए साथ आते हैं, तो कोई भी आयोजन यादगार बन जाता है। यहाँ हर किसी का योगदान नजर आता है, चाहे वह मैदान की तैयारी हो या मेहमानों की खातिरदारी। इस मिली-जुली कोशिश से गाँव में भाईचारे की भावना और मजबूत होती है।
खिलाड़ियों के लिए बड़ा मौका
गाँव के युवा खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का एक बड़ा जरिया है। सही मौका और थोड़ा सा हौसला मिले तो कोई भी खिलाड़ी बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है, और यही सोच इस आयोजन के पीछे काम करती है।
HETHA ऑर्गेनिक्स का सराहनीय योगदान
इस पूरे आयोजन को आगे बढ़ाने में हेथा ऑर्गेनिक्स एलएलपी (Hetha Organics LLP) की भूमिका बेहद अहम रही है। सिकंदरपुर में स्थित यह संस्था देशी नस्ल की गायों के संरक्षण और जैविक खेती के क्षेत्र में अपने काम के लिए जानी जाती है, और इसे राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए यह संस्थान गाँव के युवाओं और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार आगे आती रही है।
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एक साथ मिलकर आगे बढ़ने की सोच
सिकंदरपुर की यह क्रिकेट लीग आज गाँव के मनोरंजन और खेल का मुख्य केंद्र बन चुकी है। यह इस बात का भी उदाहरण है कि जब समाज की संस्थाएं और युवा साथ मिलकर काम करते हैं, तो हर आयोजन नई ऊँचाइयों को छूता है।
रिपोर्ट- सोनू सिंह

