सावन के पावन महीने में हरिद्वार जा रहे कांवड़ियों की यात्रा के दौरान गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (NH-9) पर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। देर रात एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से 20 वर्षीय कांवड़िये दीपांशु की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात घंटों बाधित रहा और दिल्ली गेट तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान दीपांशु (20 वर्ष), पुत्र चमन सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नोएडा के छलेरा गांव का निवासी था। मिली जानकारी के अनुसार, दीपांशु अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर हरिद्वार के लिए रवाना हुआ था। रात करीब 11:30 बजे जब वे गाजियाबाद की सीमा में एनएच-9 पर पहुंचे, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। दीपांशु बाइक पर पीछे बैठा था, टक्कर इतनी भीषण थी कि वह संतुलन खोकर नीचे गिर गया और गंभीर चोट लगने के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी और जाम की स्थिति
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सड़क पर हुए इस हादसे के कारण दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की मुख्य लेन पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतारें दिल्ली गेट तक जा पहुंचीं। रात के सन्नाटे में लगे इस भीषण जाम के कारण राहगीरों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर इंदिरापुरम पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक को हटाकर यातायात को सुचारू रूप से शुरू कराया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने दीपांशु के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि उस अज्ञात वाहन का पता लगाया जा सके, जिसने इस दर्दनाक हादसे को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
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कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एनएच-9 जैसे व्यस्त एक्सप्रेसवे पर जहां वाहनों की गति बहुत अधिक होती है, वहां कांवड़ियों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रशासन द्वारा हालांकि विशेष सुरक्षा घेरा बनाने और कांवड़ मार्ग चिह्नित करने के दावे किए गए हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं सुरक्षा प्रबंधों की पोल खोलती हैं।
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प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सभी कांवड़ियों से यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि रात के समय कांवड़िये अपनी बाइक या अन्य वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टिव टेप जरूर लगाएं और तेज रफ्तार वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। सावन के इस महीने में सड़कों पर भारी भीड़ होती है, इसलिए यात्रा के दौरान धैर्य और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।
दीपांशु के परिवार में मातम पसरा हुआ है। एक युवक का अपनी धार्मिक यात्रा के दौरान यूं दुनिया छोड़ जाना पूरे इलाके के लिए अत्यंत दुखद है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही दोषी वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसे सख्त सजा दिलाई जाएगी।
रिपोर्ट- पिंटू तोमर/सोनू सिंह @Nation27

