गाजीपुर जनपद में मुख्तार अंसारी गिरोह के सदस्यों एवं सहयोगियों के विरुद्ध शस्त्र लाइसेंसों के संदर्भ में बड़े पैमाने पर जांच-पड़ताल शुरू की गई है। गाजीपुर एसपी डॉ ईराज राजा ने बताया कि संगठनात्मक एवं पेशेवर अपराधियों पर चल रही कार्रवाई के क्रम में अंसारी गिरोह और उनके पास निर्गत शस्त्र लाइसेंसों के आधार पर क्रय-विक्रय किए गए कुल 145 शस्त्रों के सत्यापन का कार्य चल रहा है। इसके तहत, अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित कर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों, दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश में जाकर लाइसेंसी दुकानों और संबंधित कार्यालयों में निरीक्षण किया गया है।
जांच में पाया गया कि कई शस्त्र लाइसेंस पत्रावलियों का अभिलेखागार में अभाव है। साथ ही, कुछ शस्त्रों की वर्तमान स्थिति का पता नहीं चल पाया है। इसके अलावा, क्रय-विक्रय में अनियमितताएं भी प्रकाश में आई हैं। विशेष रूप से, जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय गाजीपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कई लाइसेंस एवं क्रय-विक्रय पत्रावलियां अभिलेखागार में उपलब्ध नहीं हैं। इस संदर्भ में पता चला है कि कुछ लाइसेंस धारकों की पत्रावलियां एवं संबंधित दस्तावेज़ आपराधिक साजिश के तहत गायब कराए गए हैं।
एसपी ईराज राजा के अनुसार, अफजाल अंसारी को निर्गत लाइसेंस संख्या 1188 पी2 से संबंधित शस्त्र लाइसेंस एवं क्रय-विक्रय पत्रावलियों को अपनी मिलीभगत के माध्यम से अभिलेखागार से गायब कराए जाने का तथ्य भी सामने आया है। इसी क्रम में, राइफल नंबर 830405 की वर्तमान स्थिति की जानकारी नहीं मिल सकी है। इन गंभीर अनियमितताओं के आधार पर थाना कोतवाली में मु०अ०सं० 535/2026 धारा 409, 120 बी आईपीसी एवं 21/25, 30 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी अफजाल अंसारी एवं तत्कालीन शस्त्र लिपिक अशफाक अहमद व गौरी शंकर राम के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गाजीपुर पुलिस की जांच में शेष शस्त्र लाइसेंस एवं संबंधित पत्रावलियों की भी जांच प्रगतिशील है। प्राप्त जानकारी के आधार पर, आगे भी इन मामलों में आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह कार्रवाई संगठित माफिया एवं अवैध हथियारों के प्रवाह को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

