गोरखपुर: स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में चल रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को गोरखपुर में तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। हाथ में तिरंगा लेकर सीएम योगी ने हजारों लोगों के साथ यात्रा की। इस दौरान सांसद रवि किशन समेत बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि और शहरवासी भी तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। पूरा इलाका ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से गूंज उठा।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने घरों पर तिरंगा जरूर फहराएं और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान को केवल एक दिन तक सीमित न रखें। उन्होंने कहा कि तिरंगा भारत की पहचान, गौरव और उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद शुरू हुई यात्रा
गोरखपुर नगर निगम परिसर स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया। यात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद लोगों को संबोधित भी किया। सीएम योगी के नेतृत्व में जैसे ही यात्रा आगे बढ़ी, सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग तिरंगा लेकर उनके साथ हो लिए। युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। देशभक्ति के नारों और हाथों में लहराते तिरंगे ने पूरे माहौल को राष्ट्रभक्ति से भर दिया।

‘तिरंगा सिर्फ झंडा नहीं, देश के गौरव की पहचान’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तिरंगा महज एक राष्ट्रीय ध्वज नहीं है, बल्कि यह भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसके साथ देश के स्वतंत्रता आंदोलन का संघर्ष, क्रांतिकारियों का साहस और बलिदान जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए लाखों लोगों ने संघर्ष किया और कई स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों तक की आहुति दे दी। आज जब हम तिरंगा हाथ में लेकर चलते हैं तो यह उन सभी वीरों के त्याग और संघर्ष को याद करने का अवसर भी है।

स्वतंत्रता आंदोलन के साथ बदलता गया राष्ट्रीय ध्वज का स्वरूप
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के आंदोलन के अलग-अलग दौर में ध्वज के विभिन्न स्वरूप सामने आए। 1905 के स्वदेशी आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता संग्राम के अलग-अलग चरणों तक राष्ट्रीय ध्वज की पहचान और स्वरूप में बदलाव होता रहा। आखिरकार स्वतंत्र भारत ने अशोक चक्र वाले तिरंगे को अपने राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया। आज यही तिरंगा देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है।

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राष्ट्रध्वज के साथ राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ के सम्मान पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि तिरंगे के सम्मान के साथ हर भारतीय के मन में राष्ट्रगान, ‘वंदे मातरम’ और देश की समृद्ध विरासत के प्रति भी सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों पर तिरंगा फहराएं और बच्चों व युवाओं को भी देश के स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों के बलिदान के बारे में बताएं।

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युवाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
तिरंगा यात्रा में युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। हाथों में तिरंगा लिए युवा पूरे उत्साह के साथ यात्रा में आगे बढ़ते नजर आए। जगह-जगह लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों ने माहौल को देशभक्ति से भर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सांसद रवि किशन समेत कई लोग यात्रा में मौजूद रहे। तिरंगा यात्रा के जरिए लोगों को राष्ट्रध्वज के सम्मान और देश के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।


