गोरखपुर में राप्ती नदी की तेज धार के बीच उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने कथित तौर पर खुदकुशी के इरादे से नदी में छलांग लगा दी। देखते ही देखते युवक गहरे पानी में समाने लगा। लेकिन तभी देवदूत बनकर पहुंचे 26वीं वाहिनी पीएसी के बाढ़ राहत दल ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाल लिया। और मोटर बोट के साथ जवान नदी में उतरे और तेज बहाव के बीच डूब रहे युवक के पास तेजी के साथ पहुंचकर उसकी जान बचा ली।
रेस्क्यू के बाद युवक को प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर गीडा थाना क्षेत्र की नौसढ़ चौकी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन ने एक बार फिर पीएसी के जवानों की तत्परता और साहस को सामने ला दिया। तस्वीर गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र के नौसढ़ स्थित रामघाट की है। जहां राप्ती नदी के किनारे अचानक हड़कंप मच गया। पश्चिम चंपारण, बिहार निवासी 25 वर्षीय लड्डू मांझी ने नदी में छलांग लगा दी। नदी का बहाव तेज था और युवक देखते ही देखते गहरे पानी में डूबने लगा। युवक को डूबता देख मौके पर मौजूद 26वीं वाहिनी पीएसी के बाढ़ राहत दल के जवान तुरंत हरकत में आ गए।
जवानों ने हालात का जायजा लिया और बिना किसी देरी के मोटर बोट के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। तेज धार और गहरे पानी के बीच जवानों ने युवक तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। रेस्क्यू टीम ने बेहद तेजी और समन्वय के साथ डूब रहे युवक को अपने कब्जे में लिया और उसे सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया। बाहर निकालने के बाद युवक को प्राथमिक उपचार दिया गया। राहत की बात रही कि उसकी हालत सामान्य बताई गई
दरअसल, 26वीं वाहिनी पीएसी की बी दल की करीब डेढ़ सेक्शन बाढ़ राहत टीम इन दिनों बाढ़ राहत प्रशिक्षण और ड्यूटी के लिए रामघाट, नौसढ़ इलाके में तैनात है। यही टीम मौके पर मौजूद थी और जैसे ही युवक के नदी में कूदने की सूचना मिली, जवानों ने तत्काल रेस्क्यू शुरू कर दिया।
रेस्क्यू के बाद युवक को आवश्यक कार्रवाई के लिए गीडा थाना क्षेत्र की नौसढ़ चौकी पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। स्थानीय पुलिस के मुताबिक युवक की हालत सामान्य है। पुलिस ने उसके स्वजन से संपर्क किया है और उन्हें मौके पर बुलाया गया है।
राप्ती की तेज और गहरी धार के बीच पीएसी जवानों की मुस्तैदी ने बड़ा हादसा होने से रोक दिया। वक्त रहते शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन युवक के लिए जिंदगी की नई उम्मीद बन गया। गोरखपुर में हुए इस साहसिक रेस्क्यू ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपदा के वक्त बाढ़ राहत दल के जवान किस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए मैदान में उतर जाते हैं।
रिपोर्ट- मुकेश कुमार/ सोनू सिंह (गोरखपुर)


