गोरखपुर शहर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक 52 वर्षीय पशु चिकित्सक ने अपनी जान दे दी। डॉक्टर परमात्मा सिंह ने गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र में स्थित अपने अपार्टमेंट की 8वीं मंजिल से छलांग लगा दी। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। डॉक्टर की मौत का कारण उनके ऊपर हुई 1.40 करोड़ रुपए की ठगी का सदमा माना जा रहा है।
डॉक्टर परमात्मा सिंह मूल रूप से मऊ जिले के रहने वाले थे, लेकिन वर्तमान में वह गोरखपुर के राजेंद्र नगर कॉलोनी में बसंत इंक्लेव में रहते थे। वह महराजगंज के नौतनवा में तैनात थे। उन्होंने अपने परिवार में पत्नी डॉ. सुमित्रा सिंह, बेटे अरिहंत सिंह (12 वर्ष) और बेटी बिन्नी (7 वर्ष) को पीछे छोड़ दिया है। घटना की जानकारी सुबह करीब 9:13 बजे मिली जब उन्होंने अपनी जान दी।
पुलिस का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उनके परिवार वालों को सूचित किया गया। मऊ में उनके पिता पारस नाथ सिंह और मां कुंती सिंह रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले पूछा कि आखिर क्या हुआ है, पर घटना के बारे में अभी तक उन्हें जानकारी नहीं दी गई थी।
डॉक्टर की पत्नी डॉ. सुमित्रा सिंह ने बताया कि उनके पति लगातार बैंक से फोन आ रहे थे। उन्हें चिंता सता रही थी कि इतनी बड़ी रकम का भुगतान कैसे किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके पति डिप्रेशन में थे, क्योंकि उनके ऊपर 1.40 करोड़ रुपए का भारी-भरकम कर्ज था। सैलरी मात्र सवा लाख रुपये हैं और हर महीने तीन लाख रुपये की ईएमआई का भुगतान करना था, जोकि उनके लिए बहुत मुश्किल था।
गोरखपुर के एसपी निमिष दशरथ पाटिल के अनुसार, 5 अगस्त को ही परमात्मा सिंह ने एम्स थाने में 1.40 करोड़ रुपए की ठगी का मामला दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि सहजनवा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह (55) और उसकी बेटी गरिमा सिंह (29) मिलकर लोगों से रकम हड़प रहे थे। आरोपियों ने उनसे लाखों-लाख रुपये ठगे थे। जब उन्होंने पैसे मांगे तो धमकियां भी दी गईं। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को 3 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब डॉक्टर को यह पता चला कि उनके साथ भी ठगी हुई है। गरिमा सिंह और उसके पिता पर आरोप था कि उन्होंने लाखों रुपये की धोखाधड़ी की है। यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद, डॉक्टर पर इस घटना का सदमा इतना गहरा था कि उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
डॉक्टर परमात्मा सिंह ने अपने जीवन में पशु चिकित्सा के क्षेत्र में अच्छा नाम कमाया था। वह अपने पेशे में निष्ठावान और समाजसेवी व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे। लेकिन इस घटना ने उनके परिवार और मित्रों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और अपराध की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि वह इस मामले में सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर कार्यवाही कर रही है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि कहीं यह ठगी का गिरोह अभी भी सक्रिय तो नहीं है।
यह घटना उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो धोखाधड़ी और ठगी के मामलों में फंसते हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वह सतर्क रहें और किसी भी तरह की ठगी के शिकार न बनें।
इस पूरे मामले में पुलिस की प्राथमिकता है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए और ठगी के इस जाल को देश से समाप्त किया जाए। वहीं, परिवार और मित्र इस घटना के सदमे से उबरने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रश्न यह उठता है कि आखिर कैसे एक व्यक्ति इतनी बड़ी रकम का तनाव झेलते-झेलते अपनी जान दे सकता है? यह घटना समाज में चिंता का विषय बन गई है। हमें अपने आस-पास के लोगों का ध्यान रखने और समय रहते उचित कदम उठाने की जरूरत है।

