हापुड़: उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा नदी पर साफ दिखाई देने लगा है। हरिद्वार और बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि गंगा अब येलो अलर्ट के निशान से महज 21 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ-साथ चकलठीरा गांव के पास नदी का कटान भी तेज हो गया है। नदी लगातार किनारों को काट रही है, जिससे कई किसानों की जमीन प्रभावित होने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो पानी आबादी वाले इलाकों तक पहुंच सकता है। इस वजह से आसपास के 15 से अधिक गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में गंगा का जलस्तर बढ़ता है, लेकिन इस बार कटान की रफ्तार पहले से ज्यादा दिखाई दे रही है। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम और तहसीलदार ने गंगा किनारे के गांवों का दौरा किया। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण कर ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव टीमों को तैयार रखा गया है। गांवों के प्रधानों और स्थानीय प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार जलस्तर पर नजर रखें और किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तुरंत जिला प्रशासन तक पहुंचाएं।
पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के चलते हरिद्वार और बिजनौर बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। शनिवार सुबह हरिद्वार बैराज से करीब 1,23,872 क्यूसेक और बिजनौर बैराज से 1,93,015 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पिछले कई दिनों से बैराजों से लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ जाएगा।
गंगा किनारे खेती करने वाले किसानों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ गई है। कटान की वजह से खेतों का हिस्सा नदी में समाने लगा है। किसानों का कहना है कि अगर पानी का बहाव इसी तरह तेज रहा तो उनकी फसल और जमीन दोनों को भारी नुकसान हो सकता है। कई किसानों ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन पूरी सतर्कता बरतें। बच्चों और मवेशियों को नदी के किनारे न जाने दें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही, जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल गंगा का बढ़ता जलस्तर और तेज कटान हापुड़ जिले के नदी किनारे बसे गांवों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। प्रशासन अलर्ट मोड में है, जबकि ग्रामीणों की नजर अब बारिश और गंगा के अगले जलस्तर पर टिकी हुई है।

