हापुड़ जनपद के मोहम्मदपुर आजमपुर गांव में दबंगों ने गांव में रहने वाले चार परिवारों को बेघर कर दिया है। आरोप है कि गांव में घटी एक घटना के बाद महिलाओं और बच्चों को पीटकर घर से बेघर कर दिया है। इस दौरान बच्चों की पढ़ाई छूट गई है और महिलाएं दरबदर हो गई हैं। गौरतलब है कि गांव में कुछ दिन पहले पुरानी रंजिश को लेकर एक विवाद सामने आया था, जिसके बाद इस मामले में आरोपी पहले ही जेल जा चुके है, लेकिन अब एक पक्ष ने गांव में रहने वाले चार परिवारों को घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया है।
बाबूगढ़ थाना क्षेत्र स्थित मोहम्मदपुर आजमपुर गांव निवासी चार परिवारों को गांव के ही कुछ दबंग लोगों ने गांव में रहने वाले चार परिवारों को घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। घटना की शिकायत करने और पीड़ित महिलाओं और बच्चों को न्याय दिलाने के लिए सैकड़ों लोगों ने हापुड़ जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन ने भी बेघर परिवारों को न्याय दिलाने के लिए प्रशासन से मांग की है। भाकियू के जिला अध्यक्ष एकलव्य सहारा ने कहा कि गांव से पीटकर निकाले गए लोगों को न्याय मिलना चाहिए और जिला प्रशासन को बेघर हुए चारों परिवारों की महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षित घर वापसी के लिए प्रयास करने चाहिए।
इस दौरान हापुड़ के वरिष्ठ अधिवक्ता और भाजपा नेता मोहित पाल ने कहा कि मोहम्मदपुर गांव में पुरानी रंजिश के चलते कुछ दबंग लोगों द्वारा एक जाति के लोगों को लगातार परेशान किया जा रहा है। गांव में जमीन विवाद को लेकर पहले भी कई बार झगड़ा हो चुका है। आरोप है कि रंजिश के चलते अब एक पक्ष के कुछ दबंग लोगों ने दूसरे पक्ष के चार परिवारों की फसल नष्ट कर दी और उनके भूसे के बोंगे में आग लगा दी। जिसके बाद उनके घर से महिला, बुजुर्ग और बच्चों को पीट-पीट कर घर से भगा दिया। महिलाओं ने बताया कि गांव के कुछ उपद्रवी लोगों ने उनके साथ मारपीट कर गांव से भगा दिया है। रक्षाबंधन के दिन जब वे दोबारा से घर गई तब तक उनके कई पशु भूख प्यास से मर चुके थे, और घर में तोड़-फोड़ की गई थी। उनके घर पहुंचने के कुछ देर बाद गांव में रहने वाले कुछ उपद्रवी उनके घर आ धमके और उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट करने लगे। महिलाएं अपनी जान बचाकर गांव से भागने पर मजबूर हो गई।
महिलाओं की मदद के लिए कुछ सामाजिक संगठन और भारतीय किसान यूनियन ने मिलकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन दिया है। ज्ञापन के जरिए उन्होंने उपद्रवियों की जांच कर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। क्योंकि महिलाएं दरबदर भटक रही हैं और बच्चे स्कूल नहीं जा रहे है जिस कारण उनकी पढ़ाई छूट रही है। इस दौरान सभी प्रदर्शनकारी महिलाओं के साथ एसपी ज्ञानंजय सिंह से भी मिले। पुलिस कप्तान ने उन्हें भरोसा दिया है कि जल्द से जल्द सभी बेघर हुए लोगों की सुरक्षित घर वापसी कराई जाएगी।
रिपोर्ट- सोनू सिंह


