हापुड़ जनपद में मिलावटखोरी और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ सरकार ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSDA) के तहत, मिलावटखोरों पर नकेल कसने के आदेश दिए गए हैं। यह कदम जिले में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उठाया गया है।
मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कदम
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त लखनऊ ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि हापुड़ में नकली घी, खोवा, पनीर, छेना और क्रीम जैसी मिलावटी सामग्री पकड़ी गई है। इन मिलावटी उत्पादों में हानिकारक रसायनों का प्रयोग पाया गया है, जो सीधे तौर
पर मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं
आदेश के अनुसार, मिलावटखोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSDA) की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा, जिन ब्रांड्स के उत्पाद मिलावट पाए गए हैं, उनके विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाएगा।
खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण निलंबित
उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि वे मिलावटी सामग्री का उत्पादन या बिक्री करते पाए गए, तो उनके खाद्य कारोबार का लाइसेंस एवं पंजीकरण तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा। साथ ही, बाहर से निर्मित खाद्य पदार्थों की भी गहन जांच की जाएगी। यदि किसी उत्पाद में मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित निर्माता या विक्रेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थों पर भी नजर
हापुड़ में कई बार नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों की तस्करी पकड़ी गई है। इसीलिए, अब प्रदेश के बाहर से आने वाले खाद्य पदार्थों की भी सख्ती से जांच की जाएगी। यदि इन उत्पादों में मिलावट पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
व्यापक प्रतिबंध और निगरानी
खाद्य सुरक्षा आदेश के तहत, जिले में मिलावटखोरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। संबंधित सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संदिग्ध सामग्री पर विशेष ध्यान दें और तुरंत कार्रवाई करें। इस अभियान के तहत, कई जगह पर छापेमारी की गई है, जिसमें नकली पनीर, घी, छेना, और अन्य मिलावटी सामग्री पकड़ी गई है।
मिलावटखोरों के खिलाफ अब होगी सख्त कार्रवाई
हापुड़ में पहले भी कई बार मिलावटखोरों को पकड़ा गया है। लेकिन अब सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपना लिया है। मिलावटी खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे न केवल जिले में खाद्य सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा, बल्कि जनता का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग हापुड़ के द्वारा मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ा कदम है। मिलावटी उत्पादों से सतर्क रहे और यदि कोई संदिग्ध सामग्री दिखाई दे, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।


