हापुड़: जिले के परिषदीय स्कूलों में व्यवस्थाओं और शिक्षण कार्य की हकीकत जानने के लिए किए गए औचक निरीक्षण के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में मिड-डे मील, छात्र उपस्थिति, पंजिकाओं और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आने पर तीन प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए तीनों प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

BSA की इस कार्रवाई के बाद जिले के परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने साफ संकेत दिया है कि स्कूलों में सरकारी योजनाओं के संचालन, बच्चों की उपस्थिति और मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

औचक निरीक्षण में खुली स्कूलों की व्यवस्था की पोल

दरअसल, बेसिक शिक्षा विभाग की टीम ने जिले के अलग-अलग परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने स्कूलों में केवल शिक्षण व्यवस्था ही नहीं, बल्कि मिड-डे मील की स्थिति, छात्र उपस्थिति पंजिका, एमडीएम पंजिका, शौचालय, हैंडवॉश समेत अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा।

निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों में रिकॉर्ड और जमीनी स्थिति के बीच अंतर मिला। कहीं मिड-डे मील से संबंधित पंजिका अधूरी मिली तो कहीं बच्चों की संख्या और भोजन पाने वाले छात्रों की संख्या में अंतर पाया गया। कुछ विद्यालयों में शौचालय बंद मिले और हैंडवॉश के लिए लगी टोंटियां तक गायब मिलीं। विभाग ने इन कमियों को गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की।

छिजारसी स्कूल में MDM पंजिका अधूरी, बच्चों की संख्या में भी अंतर

उच्च प्राथमिक विद्यालय छिजारसी, धौलाना में निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक इरशाद अली के खिलाफ अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान विद्यालय की मिड-डे मील पंजिका अधूरी मिली। इसके अलावा छात्र उपस्थिति और मिड-डे मील की संख्या में भी अंतर पाया गया। अधिकारियों ने स्कूल की अन्य व्यवस्थाओं की भी जांच की।

निरीक्षण के दौरान शौचालयों में ताले लगे मिले, जबकि हैंडवॉश की टोंटियां भी गायब थीं। स्कूल में बच्चों के लिए जरूरी सुविधाओं की इस स्थिति को विभाग ने गंभीरता से लिया। इन अनियमितताओं के आधार पर BSA ने प्रधानाध्यापक इरशाद अली के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

कंपोजिट विद्यालय लाखन में भी कार्रवाई

इसी क्रम में कंपोजिट विद्यालय लाखन की प्रधानाध्यापक रानी पर भी विभागीय कार्रवाई की गई है। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं में खामियां पाए जाने के बाद विभाग ने मामले को गंभीर माना। अधिकारियों ने स्कूल में उपलब्ध रिकॉर्ड और व्यवस्थाओं की जांच की। जांच के दौरान सामने आई अनियमितताओं को लेकर प्रधानाध्यापक से जवाब मांगा गया और कार्रवाई की गई। BSA के निर्देश पर रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

वैठ के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को नहीं मिला MDM

तीसरी कार्रवाई प्राथमिक विद्यालय वैठ में हुई, जहां प्रभारी प्रधानाध्यापक अंजलि भारती पर विभाग ने कार्रवाई की। निरीक्षण के दिन स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील नहीं बांटे जाने की बात सामने आई। बच्चों के लिए संचालित मिड-डे मील योजना सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है।

इसका उद्देश्य बच्चों को स्कूल में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी स्कूल में उपस्थिति को बढ़ावा देना भी है। ऐसे में निरीक्षण के दिन भोजन का वितरण नहीं होना विभाग ने गंभीरता से लिया। मामले की जांच के बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक अंजलि भारती को भी निलंबित कर दिया गया।

कार्रवाई के बाद शिक्षकों में हड़कंप

एक साथ तीन प्रधानाध्यापकों के निलंबन की कार्रवाई से जिले के परिषदीय विद्यालयों में हड़कंप मच गया है। विभाग की इस कार्रवाई को स्कूलों में व्यवस्थाएं सुधारने की दिशा में सख्त कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी विभाग की टीमें अलग-अलग स्कूलों का औचक निरीक्षण कर सकती हैं।

अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि बच्चों को स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ भी सही तरीके से मिले। मिड-डे मील का नियमित वितरण, छात्र उपस्थिति का सही रिकॉर्ड, साफ-सफाई और शौचालय-हैंडवॉश जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी है।

BSA ने दिया सख्त संदेश

तीन प्रधानाध्यापकों के निलंबन के बाद विभाग ने शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं में लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। खासतौर पर बच्चों से जुड़ी योजनाओं और सुविधाओं में किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों और शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

BSA की इस कार्रवाई के बाद हापुड़ के परिषदीय स्कूलों में व्यवस्थाओं को लेकर निगरानी और सख्त होने की उम्मीद है। शिक्षकों के बीच भी यह चर्चा तेज है कि औचक निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड से लेकर स्कूल की जमीनी स्थिति तक हर पहलू की जांच की जा रही है।

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