उन्नाव: रक्षाबंधन के त्योहार से पहले उन्नाव में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग की टीम ने जिले में कई जगह छापेमारी की। इस दौरान बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने और खोया तैयार करने में मानकों के विपरीत सामग्री के इस्तेमाल का मामला सामने आया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सफीपुर क्षेत्र के खेड़ा में कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस संचालित हो रहे एक परिसर को बंद करा दिया। मौके से करीब 14 किलो खोया और 3 किलो अपमिश्रक बरामद हुआ, जिसे अधिकारियों ने नष्ट करा दिया।
डेयरी में खोया बनाने के दौरान मिला अपमिश्रक
इसके बाद टीम ने सेलमपुर स्थित एक डेयरी का निरीक्षण किया। यहां खोया तैयार करने की प्रक्रिया की जांच के दौरान मॉडिफाइड सोया सॉलिड के इस्तेमाल की बात सामने आई। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर अधिकारियों ने मौके पर मौजूद सामग्री की जांच की और उसे नष्ट कराने की कार्रवाई की। विभाग के अनुसार, डेयरी से करीब 290 किलो खोया, 360 लीटर दूध, 8 किलो अपमिश्रक और 15 किलो घी नष्ट कराया गया। नष्ट की गई पूरी खाद्य सामग्री की कीमत करीब 1.14 लाख रुपये बताई गई है।
जांच के लिए लिए गए 8 नमूने
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के कुल आठ नमूने भी लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अब रिपोर्ट आने के बाद यह साफ होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ तय मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। अगर जांच में खाद्य पदार्थ मानकों के विपरीत पाए जाते हैं तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
त्योहार के दौरान बढ़ जाती है मिलावट की आशंका
रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर खोया, दूध, घी और मिठाइयों की मांग अचानक बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ कारोबारी अधिक मुनाफे के लालच में घटिया या अपमिश्रित सामग्री का इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ सकता है। खाद्य विभाग का कहना है कि त्योहार को देखते हुए जिले में निगरानी और जांच का अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य सुरक्षा के सभी जरूरी मानकों का पालन करने की चेतावनी दी है।
फिलहाल विभाग को आठ नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने या खाद्य पदार्थों में मानकों के विपरीत सामग्री का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

