सिकंदराराऊ में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक परिवार को बहुत बड़ा नुकसान हुआ। यह हादसा दिल्ली-कानपुर हाईवे पर हुआ, जब एक कार अनियंत्रित होकर पलटने लगी। उस समय कार की रफ्तार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे थी। कार में सवार ज्यादातर लोग नींद में थे, तभी अचानक कार हाईवे पर लगे संकेतक से टकराई और इसके बाद कई बार पलटते हुए सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा गिरी। यह हादसा इतना जोरदार था कि कार बुरी तरह पिचक गई और उसमें सवार सभी लोग अंदर फंस गए।
सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पुलिसकर्मियों ने काफी मेहनत के बाद कार की चादर काटकर एक-एक करके घायलों को बाहर निकाला और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
इस हादसे में घायल राजीव पाल ने बताया कि कार की पिछली सीट पर चार लोग बैठे थे। उनका बेटा मां की गोद में सो रहा था और परिवार के बाकी लोग भी नींद में थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन अचानक कार बेकाबू हो गई। राजीव के मुताबिक, हाईवे पर कार एक संकेतक से टकराई। टक्कर के साथ ही तेज धमाका हुआ और कार पलटने लगी। देखते ही देखते कार कई बार पलट गई। इस दौरान राजीव बेहोश हो गए।
जब राजीव को होश आया, तो उन्होंने चारों तरफ खून और मची चीख-पुकार देखी। कुछ लोग कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे। सबसे पहले राजीव को अपने बेटे और पत्नी की चिंता हुई। उन्होंने बताया कि दोनों को सुरक्षित देखकर उनकी जान में जान आई। वहीं उनका बेटा रामजी खून से लथपथ हालत में पड़ा था। रामजी के मामा अवधेश और जगतपाल की हालत भी गंभीर बताई गई।
हादसे के बाद कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। अंदर फंसे लोगों को निकालना पुलिस और बचाव दल के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया। किसी तरह कार की चादर काटकर घायलों को बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। तेज रफ्तार और अचानक कार के अनियंत्रित होने की वजह से हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है।

