कौशांबी: चिल्ला शहबाजी गांव में हुए अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री मालिक के बेटे आदिल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, गुरुवार तड़के कमालपुर बरेठी नहर पुलिया के पास आरोपी की पुलिस टीम से मुठभेड़ हुई। इस दौरान आदिल ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग की।
जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल आदिल को हिरासत में लिया और तत्काल इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मौके से एक 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद करने का दावा किया है।
नहर पुलिया के पास घेराबंदी के दौरान हुई मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद से ही मामले से जुड़े आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में पुलिस टीम को आदिल के इलाके में मौजूद होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर गुरुवार भोर पुलिस ने कमालपुर बरेठी नहर पुलिया के पास घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरता देख आदिल ने टीम पर गोली चला दी।
पुलिसकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। इसके बाद उसे मौके से पकड़ लिया गया। पुलिस टीम ने उसके पास से हथियार और कारतूस बरामद किए। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने बरामद हथियार को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
आर्थिक फायदे के लिए बनाया जा रहा था अवैध पटाखा और विस्फोटक
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आदिल से अवैध पटाखे और विस्फोटक तैयार किए जाने को लेकर जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि आर्थिक लाभ कमाने के लिए अवैध तरीके से पटाखा और विस्फोटक तैयार करने का काम किया जा रहा था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल थे। फैक्ट्री में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री कहां से लाई जाती थी, उसे कौन उपलब्ध कराता था और तैयार पटाखों की सप्लाई कहां तक होती थी, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
विस्फोट के बाद से पुलिस के निशाने पर था पूरा नेटवर्क
चिल्ला शहबाजी गांव में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद प्रशासन और पुलिस पर भी कई सवाल उठे थे। हादसे में कई लोगों की जान गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। घटना के बाद पुलिस ने फैक्ट्री संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच शुरू की। इसी जांच के दौरान फैक्ट्री मालिक के परिवार के सदस्यों और अन्य संदिग्धों की भूमिका भी सामने आने लगी। अब फैक्ट्री मालिक के बेटे आदिल की गिरफ्तारी को पुलिस की जांच में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।
हादसे के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस अब आदिल से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों की किस तरह अनदेखी की जा रही थी और वहां कितनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी लोग अवैध पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के कारोबार से जुड़े पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घायल आदिल का इलाज चल रहा है और उसके स्वस्थ होने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ किए जाने की बात कही जा रही है। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब उस नेटवर्क तक पहुंचने पर केंद्रित है, जिसके जरिए कथित तौर पर अवैध पटाखे और विस्फोटक तैयार कर आर्थिक लाभ कमाया जा रहा था।

