उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी, जिम्मेदारी और जनता के प्रति समर्पण को समर्पित नया गौरव गीत ‘खाकी का सितारा’ राजधानी लखनऊ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान लॉन्च किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने यूपी पुलिस की कार्यशैली और समाज में उसकी भूमिका को दर्शाने वाले इस प्रोजेक्ट से जुड़े कलाकारों और पूरी टीम की सराहना की।
‘खाकी का सितारा’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और समाज की सुरक्षा के लिए किए जाने वाले प्रयासों को सामने लाने की कोशिश के तौर पर पेश किया गया है। गीत के जरिए खाकी वर्दी के पीछे छिपे संघर्ष, जिम्मेदारी और भावनाओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
शंकर महादेवन ने दी आवाज और संगीत
‘खाकी का सितारा’ को मशहूर गायक और संगीतकार शंकर महादेवन ने अपनी आवाज और संगीत से सजाया है। गीत के बोल आलोक श्रीवास्तव ने लिखे हैं। शंकर महादेवन की आवाज में तैयार यह गीत पुलिसकर्मियों के जज्बे और उनके कर्तव्य को भावनात्मक अंदाज में सामने लाता है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गीत से जुड़े कलाकारों और टीम के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं है, बल्कि आपदा, अपराध, संकट और मुश्किल परिस्थितियों में आम लोगों के साथ खड़ी रहने वाली व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
साइबर ठगी और ‘डिजिटल अरेस्ट’ को लेकर भी जागरूकता
इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा साइबर अपराध और खास तौर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी धोखाधड़ी के खिलाफ तैयार की गई जागरूकता लघु फिल्म भी रही। बदलते दौर में साइबर अपराध लगातार नई तकनीकों और तरीकों के साथ सामने आ रहे हैं। ऐसे में आम लोगों को साइबर ठगी के तरीकों से सावधान करने के लिए पुलिस की ओर से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में तैयार की गई इस विशेष लघु फिल्म का निर्देशन फिल्म निर्देशक राज शांडिल्य ने किया है। फिल्म में अभिनेता नाना पाटेकर मुख्य भूमिका में नजर आए हैं। फिल्म का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ लोगों को साइबर अपराध के प्रति सतर्क करना और यह समझाना है कि ठग किस तरह डर और दबाव का इस्तेमाल करके लोगों से पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं।
राज शांडिल्य: लेखन से निर्देशन तक
राज शांडिल्य हिंदी सिनेमा के उन निर्देशकों और लेखकों में शामिल हैं जिन्होंने आम जिंदगी से जुड़े विषयों को मनोरंजन के साथ पर्दे पर पेश करने की कोशिश की है। उन्हें खास तौर पर ‘ड्रीम गर्ल’ जैसी चर्चित फिल्म के निर्देशन के लिए जाना जाता है। उनकी फिल्मों में हास्य के साथ सामाजिक परिस्थितियों और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े मुद्दों को अलग अंदाज में प्रस्तुत करने की कोशिश देखने को मिलती है।
राज शांडिल्य की पहचान केवल निर्देशक के तौर पर नहीं है। वह लेखक के रूप में भी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर चुके हैं। उन्होंने ऐसे विषयों पर काम किया है जिनमें आम दर्शक अपने आसपास की परिस्थितियों से जुड़ाव महसूस कर सके। यही वजह है कि साइबर अपराध जैसे गंभीर विषय को जागरूकता फिल्म के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के लिए उनका निर्देशन इस प्रोजेक्ट को एक अलग अंदाज देता है।
इस बार राज शांडिल्य ने मनोरंजन से आगे बढ़कर एक ऐसे विषय पर काम किया है जिसका सीधा संबंध आम लोगों की सुरक्षा से है। ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी साइबर ठगी में अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित को लंबे समय तक ऑनलाइन निगरानी में रखने और पैसे ट्रांसफर कराने का दबाव बनाया जाता है। ऐसे में जागरूकता फैलाने वाली यह फिल्म महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
नाना पाटेकर की मौजूदगी ने बढ़ाया असर
साइबर जागरूकता लघु फिल्म में नाना पाटेकर की मौजूदगी भी खास आकर्षण का केंद्र रही। अपने गंभीर अभिनय और दमदार संवाद अदायगी के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर ने इस संवेदनशील विषय को लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने में योगदान दिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाना पाटेकर, राज शांडिल्य, शंकर महादेवन और प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य कलाकारों एवं टीम के सदस्यों को सम्मानित किया। इस मौके पर फिल्म और संगीत के जरिए पुलिस के काम तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की गई।
खाकी के पीछे की कहानी लोगों तक पहुंचाने की कोशिश
‘खाकी का सितारा’ के जरिए यूपी पुलिस ने खाकी वर्दी को केवल एक पहचान के रूप में नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सेवा के प्रतीक के तौर पर सामने रखने की कोशिश की है। पुलिसकर्मी त्योहारों, बड़े आयोजनों, आपदाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी ड्यूटी निभाते हैं। कई बार उन्हें अपने परिवार से दूर रहकर भी घंटों काम करना पड़ता है।
ऐसे में गौरव गीत के जरिए पुलिसकर्मियों के इसी समर्पण और जज्बे को आवाज देने का प्रयास किया गया है। वहीं साइबर जागरूकता फिल्म पुलिसिंग के बदलते स्वरूप को भी सामने लाती है, जहां अपराध अब केवल सड़क या बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि मोबाइल फोन और इंटरनेट के जरिए लोगों तक पहुंच रहा है।
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बदलते अपराध के साथ बदल रही पुलिस की भूमिका
आज साइबर अपराध पुलिस के सामने बड़ी चुनौतियों में से एक है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर धमकाना, बैंकिंग फ्रॉड और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे मामलों में जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। पुलिस का मानना है कि अगर लोग समय रहते ठगी के तरीकों को पहचान लें और डरने के बजाय तुरंत शिकायत करें तो कई साइबर अपराधों को रोका जा सकता है।
लखनऊ में हुए इस कार्यक्रम के जरिए एक तरफ यूपी पुलिस ने अपने गौरव और सेवा भावना को गीत के माध्यम से सामने रखा, वहीं दूसरी तरफ साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता को भी प्रमुखता दी गई। कला, संगीत और सिनेमा के माध्यम से पुलिस और जनता के बीच जागरूकता का संदेश पहुंचाने की यह कोशिश आने वाले समय में साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों को और सतर्क करने में मददगार साबित हो सकती है।
राज शांडिल्य की फिल्म
फिल्म डायरेक्टर राज शांडिल्य ने बताया कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में यूपी पुलिस बहुत अच्छा काम कर रही है। राज्य में गुंडागर्दी और माफिया राज समाप्त कर दिया है। अब लखनऊ समेत पूरे यूपी में शांति और शुकुन है। आज के समय जहां पूरी दुनिया साइबर क्राइम से जूझ रही है। हमने साइबर क्राइम पर आधारित एक फिल्म बनाई है। फिल्म का उद्देश्य साइबर क्राइम के प्रति लोगों को जागरुक करना है।

