लखनऊ: समाजवादी विचारक और पूर्व केंद्रीय मंत्री जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर बुधवार को राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी ने अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक शामिल हुए। कार्यक्रम के केंद्र में रहे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जनेश्वर मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भी बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।
सुबह करीब 11:30 बजे अखिलेश यादव जनेश्वर मिश्र पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने पार्क परिसर में स्थापित जनेश्वर मिश्र की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। जैसे ही अखिलेश यादव कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए उनका स्वागत किया। भीड़ इतनी अधिक थी कि सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अखिलेश यादव गोल्फ कार्ट के जरिए प्रतिमा स्थल तक पहुंचे और सुरक्षा घेरे के बीच श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन में अखिलेश यादव ने अपने संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी की राजनीति, सामाजिक न्याय और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तार से बात की। उन्होंने पार्टी के चर्चित पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) फार्मूले की नई व्याख्या करते हुए कहा कि अब पीडीए में ‘P’ का अर्थ ‘पंडित’ भी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है और किसी भी समुदाय को राजनीति से अलग नहीं देखती।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी आंदोलन हमेशा सामाजिक समरसता, समान अवसर और सभी वर्गों की भागीदारी का पक्षधर रहा है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि समाज के बुद्धिजीवी, युवा, किसान, कर्मचारी और हर वर्ग के लोग मिलकर प्रदेश के भविष्य के बारे में सोचें। उनका दावा था कि जनता बदलाव का मन बना चुकी है और 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।
अपने भाषण के दौरान सपा अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी एनकाउंटर, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। उन्होंने कहा कि जनता विकास और रोजगार चाहती है, लेकिन उसे केवल दावे और प्रचार देखने को मिल रहे हैं।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाएं मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि समाजवादी पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
कार्यक्रम के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, विधायक, पूर्व मंत्री और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे आयोजन में समाजवादी पार्टी ने संगठन की एकजुटता और चुनावी तैयारियों का संदेश देने की कोशिश की। मंच से नेताओं ने जनेश्वर मिश्र के विचारों को याद करते हुए समाजवादी मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जनेश्वर मिश्र जयंती के मंच से पीडीए की नई व्याख्या और विभिन्न सामाजिक वर्गों को जोड़ने का संदेश देकर समाजवादी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपने सामाजिक समीकरण को और व्यापक बनाने का संकेत दिया है। आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में इस बयान और इसके राजनीतिक प्रभाव पर नजर बनी रहेगी।


