लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां अब तेज होती नजर आ रही हैं। भारत निर्वाचन आयोग का प्रतिनिधिमंडल सोमवार से दो दिवसीय लखनऊ दौरे पर रहेगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग की टीम चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के साथ युवाओं, शिक्षकों और बूथ स्तर पर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों से सीधा संवाद करेगी।
इस दौरे का फोकस केवल चुनावी मशीनरी की तैयारियों तक सीमित नहीं रहेगा। आयोग युवाओं के बीच मतदान को लेकर जागरूकता, चुनावी प्रक्रिया की समझ और डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर भी बातचीत करेगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार को अपने पुराने शिक्षण संस्थान काल्विन कॉलेज पहुंचेंगे। यहां वह विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगे और उनसे चुनाव, मतदान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
अपने पुराने कॉलेज में छात्रों से मिलेंगे CEC
लखनऊ दौरे के पहले दिन ज्ञानेश कुमार अपने पुराने शिक्षण संस्थान काल्विन कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस संस्थान से पुराना जुड़ाव रहा है।
छात्रों के साथ बातचीत के दौरान युवाओं की चुनावी भागीदारी, मतदान को लेकर उनकी सोच और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर चर्चा होने की उम्मीद है। युवा मतदाता यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में बड़ी संख्या में पहली बार मतदान करने वालों में शामिल होंगे। ऐसे में चुनाव आयोग की कोशिश युवाओं को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने और उन्हें चुनावी व्यवस्था की जानकारी देने की है।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बड़ा सम्मेलन
काल्विन कॉलेज के कार्यक्रम के बाद आयोग का प्रतिनिधिमंडल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होगा। यहां इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब 2.0 (ELC 2.0) और चुनाव आयोग के एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET को लेकर क्षेत्रीय सम्मेलन होगा। इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के कई जिलों से विद्यार्थी, शिक्षक, प्राचार्य और शिक्षण संस्थानों के प्रमुख हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में चुनावी साक्षरता को बढ़ाने और युवाओं को मतदान से जोड़ने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी।
20 जिलों के 1500 लोग होंगे शामिल
आयोग के इस क्षेत्रीय सम्मेलन में करीब 1500 प्रतिभागियों के शामिल होने की जानकारी है। इनमें विद्यार्थी, शिक्षक, प्राचार्य और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रमुख शामिल होंगे। कार्यक्रम में 20 जिलों के 120 विधानसभा क्षेत्रों से प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इससे आयोग को अलग-अलग इलाकों में चुनावी जागरूकता और मतदाता भागीदारी की स्थिति को समझने का मौका मिलेगा। खास तौर पर युवा मतदाताओं तक चुनावी जानकारी पहुंचाने और उन्हें मतदान के लिए प्रेरित करने पर जोर रहेगा।
ECINET पर भी होगा फोकस
लखनऊ में होने वाले सम्मेलन में चुनाव आयोग के एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET पर भी चर्चा होगी। चुनाव से जुड़ी डिजिटल सेवाओं और प्रक्रियाओं को एक जगह उपलब्ध कराने की दिशा में इस प्लेटफॉर्म को अहम माना जा रहा है। आयोग की कोशिश चुनावी प्रक्रिया को ज्यादा आसान, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मतदाताओं और चुनावी मशीनरी को अलग-अलग सेवाओं तक बेहतर तरीके से पहुंच देने पर भी चर्चा हो सकती है।
बूथ स्तर की तैयारियों पर भी नजर
यूपी जैसे बड़े राज्य में विधानसभा चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए बड़ी प्रशासनिक चुनौती होती है। राज्य में बड़ी संख्या में मतदाता, विधानसभा क्षेत्र और मतदान केंद्र हैं। ऐसे में चुनाव से पहले बूथ स्तर की तैयारियों की समीक्षा बेहद जरूरी होती है। आयोग की टीम चुनावी मशीनरी से जुड़े अधिकारियों के साथ बातचीत कर जमीनी स्तर की तैयारियों को समझेगी। मतदाता सूची, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, चुनावी जागरूकता और बूथ स्तर पर काम कर रही टीमों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।
युवाओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिश
आयोग के लखनऊ दौरे में युवाओं से संवाद को खास जगह दी गई है। विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए नए मतदाताओं की संख्या भी चुनावी तस्वीर को प्रभावित कर सकती है। कॉलेज और विश्वविद्यालयों में चुनावी साक्षरता क्लब के जरिए विद्यार्थियों को मतदान प्रक्रिया, मतदाता पंजीकरण और अपने मताधिकार के इस्तेमाल के बारे में जानकारी देने की कोशिश की जा रही है। ELC 2.0 के माध्यम से छात्रों को केवल मतदान करने के लिए प्रेरित करने के बजाय चुनावी प्रक्रिया को समझने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी को लेकर जागरूक करने पर जोर रहेगा।
चुनाव से पहले आयोग का दौरा क्यों खास?
उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े राज्यों में है और यहां विधानसभा चुनाव हमेशा राजनीतिक रूप से काफी अहम रहते हैं। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां पहले से शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में चुनाव आयोग का दौरा प्रशासनिक तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग की टीम राज्य में चुनावी व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों और अन्य पक्षों से बातचीत के जरिए यह समझने की कोशिश करेगी कि चुनाव के दौरान किसी तरह की दिक्कत न आए और पूरी प्रक्रिया तय नियमों के मुताबिक कराई जा सके।
दूसरे दिन भी होंगे कई कार्यक्रम
दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन भी आयोग का कार्यक्रम जारी रहेगा। इस दौरान चुनावी तैयारियों से जुड़े अलग-अलग पक्षों के साथ बैठक और संवाद होने की संभावना है। बूथ स्तर की मशीनरी से लेकर मतदाता जागरूकता तक कई मुद्दों पर जानकारी ली जाएगी। आयोग की टीम जमीनी स्तर पर सामने आने वाली चुनौतियों को समझने और चुनाव से पहले जरूरी सुधारों की पहचान करने पर भी ध्यान दे सकती है।
2027 के चुनाव की तैयारी को मिल सकती है नई गति
भारत निर्वाचन आयोग का यह दौरा उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है। इस दौरे में एक तरफ चुनावी मशीनरी की तैयारियों को समझा जाएगा, वहीं दूसरी तरफ युवाओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिश होगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विद्यार्थियों से संवाद और 20 जिलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाला ELC 2.0 सम्मेलन इस दौरे को खास बना रहा है। चुनाव आयोग की नजर अब चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले ही मतदाता सूची, बूथ व्यवस्था, डिजिटल सेवाओं और जागरूकता अभियान को मजबूत करने पर है।


