लखनऊ। जाट और ‘चवन्नी’ को लेकर दिए गए कथित बयान पर सियासी विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी सफाई दी है। अखिलेश यादव ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि जिस बयान को मुद्दा बनाया जा रहा है, उसका पूरा वीडियो देखा जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में ऐसा कोई बयान नहीं है, जिस पर किसी को आपत्ति होनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने इस पूरे विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी और एनडीए पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से अलग करके राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। अखिलेश ने कहा कि अगर किसी को आपत्ति है तो वह पूरा वीडियो देखे और उसके बाद अपनी बात रखे।
आरएलडी को 120 सीटों का मुद्दा उठाया
प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) और चौधरी चरण सिंह के राजनीतिक विरासत के सवाल को भी उठाया। उन्होंने भाजपा और एनडीए पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर राष्ट्रीय लोक दल को 120 सीटें नहीं दी जाती हैं तो यह चौधरी चरण सिंह का अपमान है।
अखिलेश के इस बयान को उत्तर प्रदेश की आगामी सियासत में सहयोगी दलों और सीटों के बंटवारे से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने चौधरी चरण सिंह की विरासत का उल्लेख करते हुए आरएलडी की राजनीतिक हैसियत और उसके हिस्से की सीटों को लेकर भाजपा-एनडीए पर सवाल खड़े किए।
बयान पर घिरी सियासत, अखिलेश ने वीडियो को बनाया आधार
जाट समाज से जुड़े बयान को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच अखिलेश यादव ने अपनी सफाई में मूल वीडियो देखने पर जोर दिया। उनका कहना है कि जिस अंश को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसे पूरे संदर्भ में देखने पर तस्वीर अलग नजर आती है।
अखिलेश की सफाई के बाद अब सियासी बहस इस बात पर केंद्रित हो गई है कि उनके बयान का वास्तविक संदर्भ क्या था और उसे किस तरह पेश किया गया। समाजवादी पार्टी जहां इसे राजनीतिक तौर पर बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगा रही है, वहीं विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
2027 की सियासत में बढ़ेगी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच नेताओं के बयान अब तेजी से राजनीतिक बहस का हिस्सा बन रहे हैं। जाट और ‘चवन्नी’ विवाद के साथ अखिलेश यादव का आरएलडी को 120 सीटों वाला बयान भी इसी सियासी माहौल में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अखिलेश यादव ने एक तरफ अपने बयान को लेकर सफाई दी, वहीं दूसरी तरफ भाजपा और एनडीए पर हमला बोलकर यह संकेत दिया कि आने वाले समय में सीटों के बंटवारे, सामाजिक समीकरण और चौधरी चरण सिंह की विरासत को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में घमासान और तेज हो सकता है।
रिपोर्ट- फ़रमान अब्बास मन्जुल (लखनऊ)

