लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति में सिद्धांतों और विरासत की जगह अब राजनीतिक स्वार्थ हावी हो गया है। मुख्यमंत्री ने अजय राय को लेकर कहा कि जिस व्यक्ति पर उनके भाई की हत्या का आरोप रहा, उसी के सामने उन्होंने राजनीतिक तौर पर घुटने टेक दिए।
सीएम योगी ने कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं के लिए विचारधारा, सिद्धांत और अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जिन मुद्दों पर आज जनता के बीच बात करती है, उसके व्यवहार में कई बार उसका उलटा दिखाई देता है।
अजय राय पर सीएम योगी का सीधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को लेकर कहा कि उन्होंने अपने भाई की हत्या के मामले में न्याय की लड़ाई लड़ने के बजाय ऐसे राजनीतिक समीकरणों के सामने समझौता किया, जिनसे उनके परिवार की पुरानी पीड़ा जुड़ी रही है। योगी ने इसे कांग्रेस की राजनीति में सिद्धांतों के कमजोर पड़ने का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि जनता नेताओं के बयानों के साथ-साथ उनके राजनीतिक आचरण को भी देखती है। मुख्यमंत्री का कहना था कि अगर कोई नेता किसी मुद्दे पर जनता के सामने एक बात कहता है, लेकिन राजनीतिक फायदे के लिए दूसरी दिशा में खड़ा दिखाई देता है, तो इससे जनता के बीच उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
सीएम योगी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी अपने निशाने पर लिया। उन्होंने कांग्रेस की राजनीति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को देश की विरासत, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों के सम्मान के विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आजादी केवल राजनीतिक सत्ता हासिल करने की कहानी नहीं है, बल्कि इसके पीछे लाखों लोगों का संघर्ष, त्याग और बलिदान रहा है। ऐसे में स्वतंत्रता सेनानियों और देश की ऐतिहासिक विरासत का सम्मान करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है।
विरासत और विकास को लेकर कांग्रेस पर हमला
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान केवल राजनीतिक विवादों से नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से भी है। अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की विरासत को संरक्षित करना और उसे दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे, सड़क, एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी और धार्मिक पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में काम हुआ है। सरकार का प्रयास है कि विकास के साथ-साथ प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान को भी मजबूती मिले।
‘राजनीति सिर्फ आरोप लगाने का माध्यम नहीं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक दलों को अपनी जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जनता के मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका भी दिखाई देनी चाहिए।
योगी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश और प्रदेश की जनता अब विकास, सुरक्षा और बेहतर शासन के मुद्दों को लेकर ज्यादा सजग है। ऐसे में राजनीतिक दलों को भी अपनी राजनीति का आधार स्पष्ट करना होगा।
स्वतंत्रता सेनानियों की उपेक्षा का लगाया आरोप
सीएम योगी ने कांग्रेस पर स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले लोगों की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास को किसी एक परिवार या राजनीतिक दल तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में अलग-अलग क्षेत्रों, विचारधाराओं और समुदायों के लोगों ने योगदान दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता आंदोलन और उसके नायकों के बारे में सही जानकारी देना जरूरी है। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे इतिहास और राष्ट्रीय विरासत को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय व्यापक दृष्टिकोण अपनाएं।
चुनावी माहौल में बयान के मायने
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह हमला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीजेपी और कांग्रेस समेत प्रदेश के सभी प्रमुख दल लगातार जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में कांग्रेस नेताओं पर मुख्यमंत्री के सीधे हमले से आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस की ओर से भी इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। फिलहाल योगी के बयान ने प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस बनाम भाजपा की बहस को तेज कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विकास, राष्ट्रीय विरासत और जिम्मेदार राजनीति को केंद्र में रखते हुए कांग्रेस पर सवाल खड़े किए। वहीं, उनके बयान से यह भी साफ है कि आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी विपक्षी दलों को उनके राजनीतिक और व्यक्तिगत रिकॉर्ड के आधार पर घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।


