लखनऊ: उत्तर प्रदेश की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया है। 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे की खबर सामने आते ही प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने त्यागपत्र की जानकारी सार्वजनिक की। इसके साथ ही उन्होंने एक भावुक चिट्ठी भी साझा की, जिसमें करीब 13 साल की सरकारी सेवा के दौरान मिले अनुभवों, लोगों से मिले प्यार और अपने सफर को याद किया।

दिव्या मित्तल ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि उन्होंने सेवा के दौरान बहुत कुछ सीखा और कई ऐसे अनुभव हासिल किए, जिन्हें वह हमेशा अपने साथ रखेंगी। चिट्ठी का अंदाज काफी भावुक है। हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह का कोई स्पष्ट खुलासा नहीं किया है। यही वजह है कि उनके अचानक सेवा छोड़ने के फैसले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

‘मूर्ख थी जो सोचा…’, चिट्ठी में छलका भाव

इस्तीफे की जानकारी देने के साथ दिव्या मित्तल ने जो चिट्ठी साझा की, उसमें उनके शब्दों में भावनाओं की झलक साफ दिखाई देती है। उन्होंने अपने प्रशासनिक सफर को पीछे मुड़कर देखते हुए लिखा कि शुरुआत में उन्होंने कई चीजों को लेकर कुछ अलग उम्मीदें और धारणाएं बना रखी थीं, लेकिन समय के साथ उन्हें जिंदगी और व्यवस्था को समझने का अलग नजरिया मिला।

उनकी चिट्ठी में लिखा एक वाक्य खास तौर पर चर्चा में है- ‘मूर्ख थी जो सोचा…’। इसके साथ ही उन्होंने अपनी उपलब्धियों और जीवन में मिले अनुभवों को लेकर लिखा कि उनकी ‘झोली भर गई’ है। उनके इस अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा है। सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट को लेकर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, दिव्या मित्तल ने अपनी पोस्ट में ऐसा कोई कारण नहीं बताया है जिससे यह साफ हो सके कि उन्होंने आखिर आईएएस सेवा से इस्तीफा क्यों दिया।

13 साल की सेवा के बाद लिया फैसला

दिव्या मित्तल 2013 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। साल 2015 में उनका कंफर्मेशन हुआ और इसके बाद उन्हें मेरठ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर नियुक्त किया गया। प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। वह संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी भी रह चुकी हैं। इन जिलों में उनके काम करने के तरीके और प्रशासनिक फैसलों की चर्चा अक्सर होती रही है।

खासकर मिर्जापुर और देवरिया में डीएम रहते हुए वह कई बार स्थानीय स्तर पर सुर्खियों में रहीं। लगभग 13 साल की सरकारी सेवा के बाद अब उन्होंने आईएएस की नौकरी छोड़ने का फैसला किया है। हालांकि, इस्तीफा स्वीकार होने की प्रक्रिया और आगे की उनकी योजनाओं को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

दिल्ली की रहने वाली हैं दिव्या मित्तल

दिव्या मित्तल मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। उनकी उम्र करीब 42 वर्ष बताई जाती है। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले भी उनका शैक्षणिक और पेशेवर सफर काफी मजबूत रहा है। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बीटेक किया है। इसके बाद उन्होंने आईआईएम से पीजीडीएम की पढ़ाई की। तकनीकी शिक्षा और प्रबंधन की पढ़ाई के बाद उन्होंने सिविल सेवा का रास्ता चुना और यूपी कैडर में आईएएस अधिकारी के तौर पर अपनी पहचान बनाई।

तीन जिलों की डीएम रह चुकी हैं

दिव्या मित्तल ने यूपी के तीन जिलों में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाली। इनमें संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया शामिल हैं। डीएम के रूप में उनकी कार्यशैली को लेकर अलग-अलग जिलों में उनकी अपनी पहचान बनी। प्रशासनिक कामकाज के साथ वह जनता से सीधे संवाद और स्थानीय समस्याओं पर फोकस करने के लिए भी जानी जाती रही हैं। उनके कार्यकाल के दौरान कई प्रशासनिक और विकास से जुड़े फैसले चर्चा में रहे। यही वजह है कि यूपी के प्रशासनिक गलियारों में उन्हें एक चर्चित अधिकारी के तौर पर देखा जाता रहा है।

इस्तीफे की वजह पर अभी सस्पेंस

दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्होंने आईएएस सेवा क्यों छोड़ी? फिलहाल उनकी ओर से इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। सोशल मीडिया पोस्ट और चिट्ठी में उन्होंने अपने सफर और अनुभवों को जरूर साझा किया, लेकिन इस्तीफे के पीछे किसी विवाद, व्यक्तिगत कारण या भविष्य की योजना का सीधा जिक्र नहीं किया।

ऐसे में उनके अगले कदम को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं। इतना साफ है कि यूपी प्रशासन में अपनी अलग पहचान बना चुकीं दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की सेवा के बाद आईएएस से विदाई लेने का फैसला किया है। उनकी भावुक चिट्ठी ने इस फैसले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।

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