लखनऊ स्थित भसीन ग्रुप पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने ग्रुप की करीब 240 करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त कर ली हैं, जो निवेशकों से धोखाधड़ी के मामले में की गई है। यह कार्रवाई नोएडा की भसीन इन्फोटेक और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के खिलाफ की गई है, जिसमें ग्रैंड वेनेजिया कमर्शियल टावर्स योजना में हुए कथित वित्तीय लेनदेन का पर्दाफाश हुआ है।
प्रवर्तन एजेंसी ने बताया कि कंपनी की कुल 389 संपत्तियों को जब्त किया गया है, जिसकी कीमत लगभग 240 करोड़ रुपये है। इन संपत्तियों में मॉल, जमीन, फ्लैट्स और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके साथ ही, अब तक कुल मिलाकर करीब 700 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है। यह कदम निवेशकों के पैसे की सुरक्षा और धोखाधड़ी के मामलों की जांच के तहत उठाया गया है।
संपत्तियों की जब्ती के दौरान पता चला है कि ग्रैंड वेनेजिया मॉल के संचालक सतेंद्र सिंह भसीन और उसकी शेल कंपनियों की अचल संपत्तियों को भी जब्त किया गया है। एजेंसी के अनुसार, सतेंद्र और उसकी कंपनियों ने निवेशकों के पैसे को अपने सहयोगी कंपनियों में ट्रांसफर कर धोखाधड़ी की योजना बनाई थी। इन कंपनियों के माध्यम से कथित तौर पर नकली दस्तावेजों और फर्जी लेनदेन के जरिये धन की हेराफेरी की गई है।
यूपी और दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज केस में भी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने संदिग्ध कंपनियों और उनके संचालकों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस पूरे मामले में जाँच की जा रही है कि कैसे निवेशकों के पैसे का उपयोग कंपनी के विभिन्न प्रोजेक्ट्स में किया गया और किन-किन संस्थानों का इसमें हाथ था।
यह कार्रवाई भसीन ग्रुप के निवेशकों के हितों की रक्षा और धोखाधड़ी के खिलाफ सरकार की कड़ी कार्रवाई का हिस्सा है। प्रवर्तन निदेशालय और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से निवेशकों में भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। आगे की जांच जारी है और शीघ्र ही इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।


