लखनऊ: भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उत्तर प्रदेश के बूथ लेवल अधिकारियों BLOs के साथ संवाद करते हुए चुनाव प्रक्रिया में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने BLOs को चुनावी व्यवस्था की जमीनी कड़ी बताते हुए मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और अपडेट रखने पर जोर दिया। संवाद के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने लखनऊ से अपने पुराने पारिवारिक और शैक्षणिक संबंधों को भी साझा किया। उन्होंने BLOs से आत्मीय अंदाज में संवाद करते हुए कहा कि वे खुद को उनसे एक सामान्य परिवार के सदस्य के रूप में जोड़कर देखते हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में BLOs की जिम्मेदारी को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए उनसे पूरी प्रतिबद्धता और निष्पक्षता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
संविधान और कानून के तहत होते हैं भारत के चुनाव
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि भारत में चुनाव संविधान, कानून और भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किए जाते हैं। चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है, ताकि मतदाताओं का विश्वास चुनाव व्यवस्था में बना रहे। उन्होंने भारत के विशाल चुनावी तंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में लगभग 97 करोड़ मतदाता हैं। यह संख्या इतनी बड़ी है कि कई देशों के कुल मतदाताओं को जोड़ने के बाद भी भारत की मतदाता संख्या उनसे अधिक है। इतने बड़े पैमाने पर चुनाव कराना अपने आप में एक बड़ी प्रशासनिक और लोकतांत्रिक चुनौती है।
लोकसभा चुनाव में करीब 1.80 करोड़ लोगों की भूमिका
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान लगभग 1.80 करोड़ लोग डेपुटेशन पर चुनावी कार्य में लगाए जाते हैं। इतनी बड़ी संख्या में मानव संसाधन का चुनावी प्रक्रिया में शामिल होना भारत के निर्वाचन तंत्र के विशाल स्वरूप को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के साथ काम करने वाला यह पूरा तंत्र दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक चुनावी व्यवस्थाओं में से एक को जमीन पर संचालित करता है। इस व्यवस्था में BLOs की भूमिका सबसे निचले स्तर पर मतदाता और निर्वाचन तंत्र के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने की है।
करीब 12 लाख BLOs संभालते हैं मतदाता सूची की जिम्मेदारी
देशभर में लगभग 12 लाख बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) कार्यरत हैं। BLOs का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना है। BLOs को मतदाता सूची में ASDDF—Absent, Shifted, Dead, Duplicate और Foreigners से संबंधित प्रविष्टियों की पहचान करने और आवश्यकतानुसार उन्हें हटाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होती है। इसके साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो, यह सुनिश्चित करना भी BLOs की प्रमुख जिम्मेदारी है।
तीन स्तर पर होती है कोनकरंट ऑडिट व्यवस्था
पहला स्तर मतदाता सूची:
ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार होने के बाद राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स यानी BLOs द्वारा भी सूची का ऑडिट किया जाता है। इससे मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कमी को सामने लाने में मदद मिलती है।
दूसरा स्तर मतदान केंद्र:
मतदान के दिन मॉक पोल से लेकर मतदान की प्रक्रिया पूरी होने, फॉर्म-17C के पार्ट-1 को भरने और EVM को सील करने तक विभिन्न प्रक्रियाएं उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में संपन्न होती हैं। इसका उद्देश्य मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और सभी पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
तीसरा स्तर मतगणना:
मतगणना के दौरान भी उम्मीदवारों के काउंटिंग एजेंट्स मौजूद रहते हैं। मतों की गिनती निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाती है और एजेंट्स पूरी प्रक्रिया को देख सकते हैं।
युवाओं और महिलाओं को मतदाता सूची से जोड़ने पर जोर
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए मतदान प्रतिशत बढ़ाने की जरूरत पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि प्रत्येक पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल हो और मतदान के दिन अपने मताधिकार का इस्तेमाल करे। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और विवाहित महिलाओं तक पहुंच बनाने का आह्वान किया। कई बार विवाह के बाद महिलाओं का स्थान परिवर्तन हो जाता है, ऐसे में उनके नाम को सही स्थान की मतदाता सूची में शामिल कराने और पुराने स्थान से आवश्यकतानुसार अपडेट कराने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इसी तरह पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को भी मतदाता सूची से जोड़ना और उन्हें मतदान के महत्व के प्रति जागरूक करना चुनावी तंत्र की महत्वपूर्ण प्राथमिकता बताई गई।
BLO हैं चुनावी व्यवस्था की जमीनी कड़ी
संवाद के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने BLOs की भूमिका को केवल मतदाता सूची तक सीमित नहीं माना, बल्कि उन्हें निर्वाचन आयोग और आम मतदाता के बीच सीधी जमीनी कड़ी के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने BLOs से अपील की कि वे निष्पक्षता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के साथ-साथ मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अन्य अपात्र प्रविष्टियों को चिन्हित कर मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।मुख्य निर्वाचन आयुक्त का यह संवाद उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में मतदाता सूची की शुद्धता, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहा।
रिपोर्ट- अश्वनी अवस्थी (लखनऊ)


