लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ में SBI अफसर मानस बाजपेयी, बैंक मैनेजर पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन शीबा बाजपेयी की मौत के मामले में नए खुलासे हुए हैं । पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में अब कई नए तथ्य भी सामने आए हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, दिव्या मिश्रा और शीबा बाजपेयी के सिर में गोली फंसी मिली, जबकि मानस बाजपेयी के सिर से गोली आर-पार निकल गई थी। वहीं, दिव्या के चेहरे और सिर पर चोट के छह निशान भी मिले हैं। पुलिस जांच में इन चोटों को अहम सबूत के तौर पर देखा जा रहा है।
शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि गोली चलने से पहले दिव्या और मानस के बीच हाथापाई या संघर्ष हुआ होगा जिसका आरोप दिव्या मिश्रा की बहन भी लगा चुकी हैं।
तीनों शवों का एक साथ हुआ पोस्टमॉर्टम
KGMU में पहले बैंक मैनेजर दिव्या मिश्रा का पोस्टमॉर्टम किया गया. इसके बाद मानस वाजपेयी और उनकी बहन शीबा के शवों का पोस्टमॉर्टम हुआ। डॉक्टरों के पैनल ने तीनों शवों की जांच की। पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार देर शाम तीनों का अंतिम संस्कार किया गया. दिव्या मिश्रा का शव उनके जीजा भरत यादव और ममेरे भाई मयंक दीक्षित घर ले गए ।
इसके बाद शव को बैकुंठ धाम ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
वहीं, मानस बाजपेयी और शीबा बाजपेयी के शव पोस्टमॉर्टम के बाद उनके मामा और ममेरे भाई सीधे बैकुंठ धाम ले गए। सबसे पहले दिव्या का अंतिम संस्कार हुआ और करीब डेढ़ घंटे बाद मानस और शीबा का अंतिम संस्कार किया गया । अब इस डबल मर्डर और सुसाइड केस में पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और फॉरेंसिक जांच के आधार पर इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
ड्राइवर का कबूलनामा साबित हुई अहम कड़ी
बैंक अफसर मानस बाजपेयी जिस ऑटो चालक को लेकर आईसीआईसीआई बैंक के बाहर पहुंचा था उससे भी पुलिस ने सुराग जुटाए हैं। पूछताछ के बाद पता चला कि वारदात के बाद मानस ने चालक को गन प्वाइंट पर लिया और घर के पास छोड़ने के लिए कहा।
पुलिस की छानबीन में पता चला है कि ऑटो चालक मुकेश कुमार सरोज 15 सालों से हुसड़िया चौराहे पर ही रहकर ऑटो चला रहा है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। जल्द पुलिस ड्राइवर के साथ घटना का सीन रीक्रिएट कर सकती है।
रिपोर्ट: अभिषेक कुमार पाण्डेय

