लखनऊ के आलमनगर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किए गए चार संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश एटीएस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर एटीएस ने दावा किया है कि चारों आरोपी पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्ठी के नेटवर्क और अन्य पाकिस्तानी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे। आरोपियों पर देश में आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी करने का आरोप है।
एटीएस ने 2 अप्रैल 2026 को आलमनगर रेलवे स्टेशन से मेरठ निवासी साकिब उर्फ डेविल और अरबाब तथा नोएडा निवासी विकास उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला को गिरफ्तार किया था। एटीएस के मुताबिक, चारों संदिग्ध रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल में विस्फोट करने की तैयारी के लिए पहुंचे थे। गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने पूरे मामले की जांच शुरू की और आरोपियों के पाकिस्तान कनेक्शन की पड़ताल की।
जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों से महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए गए। एटीएस के अनुसार, इन उपकरणों में शहजाद भट्ठी और अन्य पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ हुई बातचीत और चैट मिलीं। इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के पाकिस्तानी नेटवर्क के सीधे संपर्क में होने की पुष्टि हुई।
विवेचना में यह भी सामने आया कि पाकिस्तानी हैंडलर्स आरोपियों को अलग-अलग टास्क दे रहे थे और उन्हें संभावित आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा था। एटीएस ने डिजिटल चैट, मोबाइल डाटा और अन्य साक्ष्यों को चार्जशीट का अहम आधार बनाया है।
एटीएस का कहना है कि जांच के दौरान मिले साक्ष्य आरोपियों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि करते हैं। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।

