मेरठ: शहर के सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुधवार को एक बार फिर बड़ी कार्रवाई शुरू हुई। आवास एवं विकास परिषद की टीम ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत व्यावसायिक परिसरों में बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का अभियान चलाया। कार्रवाई को देखते हुए इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और सेंट्रल मार्केट की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सुबह से ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। इसके बाद चिन्हित निर्माणों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। अभियान के दौरान जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से अवैध हिस्सों को गिराया गया। कार्रवाई के चलते आसपास के इलाके में लोगों की आवाजाही भी प्रभावित रही।
आवास एवं विकास परिषद की ओर से बुधवार को कुल पांच निर्माणों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। इनमें से तीन निर्माणों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि दो अन्य निर्माणों पर कार्रवाई जारी है। प्रशासन की टीम पूरे अभियान के दौरान मौके पर मौजूद रही और स्थिति पर नजर रखी गई। सेंट्रल मार्केट एक व्यस्त व्यावसायिक इलाका होने के कारण कार्रवाई से पहले पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। लोगों और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिएअलग-अलग स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन की ओर से भी निगरानी रखी जा रही है।
सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माणों को लेकर मामला लंबे समय से चर्चा में है। इसी मामले में 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने 44 व्यावसायिक परिसरों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद संबंधित विभाग ने चिन्हित परिसरों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। बुधवार को इसी क्रम में आवास एवं विकास परिषद की टीम ने पांच निर्माणों को कार्रवाई के लिए लिया। अधिकारियों की मौजूदगी में पहले तीन निर्माणों को ध्वस्त किया गया। इसके बाद बाकी दो निर्माणों पर भी बुलडोजर की कार्रवाई जारी रही।
सेंट्रल मार्केट में बड़ी संख्या में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान होने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी। बाजार की ओर आने वाले प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस बल तैनात किया गया। लोगों को कार्रवाई वाले क्षेत्र से दूर रखने के लिए भी पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे। अवैध निर्माणों पर चल रहे इस अभियान को लेकर इलाके में सुबह से ही हलचल बनी रही। प्रशासन की टीमों ने तय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाई। अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में चिन्हित निर्माणों पर कार्रवाई की जा रही है। दो अन्य निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई जारी है। आने वाले समय में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत चिन्हित बाकी व्यावसायिक परिसरों पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।


