उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में कर चोरी के खिलाफ जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मेरठ जीएसटी विभाग की टीम ने छापेमारी कर करीब 218 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी है। इस मामले में समाजवादी पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष रचित गुप्ता और उनके दो साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

मेरठ जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम द्वारा गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में मुकदमा दर्ज कराने के बाद आरोपी नेता और उसके दो कर्मचारियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

जीएसटी विभाग के सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को मेरठ से आई विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से दातागंज स्थित परिसर और आवास विकास स्थित आवास पर एक साथ धावा बोला। यह गोपनीय और गहन छापेमारी की कार्रवाई करीब 12 घंटे तक लगातार चली। इस दौरान पूरे इलाके में हड़कंप मचा रहा और भारी संख्या में लोग जुट गए।

जांच में यह बात सामने आई है कि रचित गुप्ता के ठिकानों पर बिना किसी पंजीकरण और टैक्स भुगतान के बड़े पैमाने पर अवैध रूप से पान मसाला और गुटखा बनाने का कारोबार संचालित किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से भारी मात्रा में कच्चा और तैयार माल बरामद किया है।

छापेमारी में 12 पैकिंग मशीनें, 410 किलोग्राम कटी हुई सुपारी, नामी ब्रांड्स (गगन, शिखर, गोल्डमोहर और दिलबाग) के तैयार पाउच और भारी मात्रा में नकली/ब्रांडेड पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई है।

इस अवैध नेटवर्क में सपा नेता का साथ देने के आरोप में उनके दो कर्मचारियों, मनोज और उमेश को भी मौके से गिरफ्तार किया गया है। जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह मामला महज एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं है। आशंका है कि इस अवैध कारोबार के तार प्रदेश के कई अन्य जिलों और बड़े सप्लायरों से जुड़े हुए हैं।

विभाग अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरी सप्लाई चेन, कच्चे माल की खरीद और बेनामी बैंक खातों की पड़ताल कर रहा है। आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े कुछ और बड़े नामों पर गाज गिर सकती है।

रिपोर्ट-सौरभ पाल/सोनू सिंह

 

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