Lift Accident: शहर की पॉश कालोनियों में शुमार ‘ग्रीन ऑर्किड सोसाइटी’ में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लिए लिफ्ट अब जानलेवा साबित हो रही है। हाल ही में बिजली जाने के बाद एक महिला और उनके 4 साल के मासूम बच्चे के लिफ्ट में फंसे रहने का वीडियो वायरल होने के बाद सोसाइटी में दहशत का माहौल है। लिफ्ट के अचानक झटके के साथ रुकने और आधे घंटे तक दम घुटने वाली स्थिति ने बिल्डर और मैनेजमेंट के दावों की पोल खोल दी है।

क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बिजली जाने के बाद लिफ्ट बीच में ही अटक गई। लिफ्ट के अंदर भीषण गर्मी और उमस के बीच मां अपने 4 साल के बच्चे को संभालती नजर आई। बिजली गुल होने के कारण न तो पंखा चल रहा था और न ही लिफ्ट का अलार्म सिस्टम काम कर रहा था। आधे घंटे तक बंद डिब्बे में फंसी मां-बेटे की हालत घुटन के कारण बिगड़ने लगी थी। करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया। इस पूरी घटना ने सोसाइटी के अन्य निवासियों को भी हिलाकर रख दिया है। Lift Accident

मेंटेनेंस के नाम पर लाखों की वसूली, सुरक्षा के नाम पर शून्य

सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा हर महीने करीब 8 से 8.25 लाख रुपये मेंटेनेंस फंड के रूप में वसूले जाते हैं, लेकिन इसके बदले में उन्हें बुनियादी सुरक्षा भी नसीब नहीं हो रही है। निवासियों के अनुसार, लिफ्ट में न तो उचित यूपीएस (UPS) बैकअप लगा है और न ही आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोई इंटरकॉम या तकनीशियन की व्यवस्था है। यह लापरवाही न केवल बच्चों के लिए, बल्कि सोसाइटी में रहने वाले बुजुर्गों के लिए भी बेहद खतरनाक है। Lift Accident

बरसों से चल रही शिकायतों का नहीं निकला हल

स्थानीय निवासी हेमंत शर्मा, मंजू चौधरी और शशिकांत का कहना है कि पिछले 4-5 सालों से लिफ्ट की खराबी को लेकर बिल्डर और सोसाइटी मैनेजमेंट से कई बार शिकायत की गई है। यहां तक कि दिल्ली से विशेषज्ञ इंजीनियरों को बुलाकर जांच भी करवाई गई, जिन्होंने लिफ्ट की जर्जर स्थिति की पुष्टि की थी। इसके बावजूद मैनेजमेंट ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बिल्डर का अड़ियल रवैया और लापरवाही के कारण अब आए दिन ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं। Lift Accident

जिलाधिकारी से न्याय की गुहार

इस गंभीर मामले को लेकर आक्रोशित निवासियों ने जिलाधिकारी (DM) मुरादाबाद को औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि सोसाइटी की सभी लिफ्टों की तुरंत तकनीकी और सुरक्षा ऑडिट कराई जाए। मेंटेनेंस कार्यों की निगरानी के लिए एक सरकारी कमेटी गठित की जाए। बिल्डर की लापरवाही के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। सोसाइटी में नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए सख्त आदेश जारी हों। Lift Accident

यह भी पढ़ें- गाजियाबाद से नोएडा एयरपोर्ट तक बनेगा नया कॉरिडोर, दिल्ली एनसीआर की नई लाइफ लाइन बनेगी नमो भारत ट्रेन

क्या कहते हैं सुरक्षा मानक? 

आवासीय सोसाइटियों में लिफ्ट का रखरखाव अत्यंत संवेदनशील विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि लिफ्ट में ‘ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस’ (ARD) का होना अनिवार्य है, जो बिजली जाने के बाद लिफ्ट को निकटतम फ्लोर पर ले जाकर खोल देता है। ग्रीन ऑर्किड सोसाइटी की स्थिति यह दर्शाती है कि बिल्डर ने मुनाफा कमाने के चक्कर में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) के साथ खिलवाड़ किया है। Lift Accident

यह भी पढ़ें- भीषण अग्निकांड में दो जांबाज दमकलकर्मियों की मौत

इस घटना के बाद शहर के अन्य हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में भी लिफ्ट सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। निवासियों का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की, तो कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। अब देखना यह है कि जिलाधिकारी कार्यालय से बिल्डर पर क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल, ग्रीन ऑर्किड सोसाइटी के निवासी डरे हुए हैं और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। Lift Accident

वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-
https://x.com/Nation27Digital/status/2084526567724912672?s=20

Share.
Leave A Reply

© 2026 Nation27

Exit mobile version