Uttar Pradesh Wather: मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश का अनुमान जताया है। बंगाल की खाड़ी से आ रहे मजबूत मानसूनी प्रवाह और प्रदेश के ऊपर बने मौसमी सिस्टम के कारण 28 जुलाई से आगामी कुछ दिनों तक राज्य में भारी बारिश का दौर जारी रहने की प्रबल संभावना है।
भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रभाव आधारित पूर्वानुमान जारी करते हुए 28 जुलाई से 29 जुलाई की सुबह तक विशेष सावधानी बरतने को कहा है। जिन जिलों में बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। उन जिलों में सोनभद्र, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली हैं। इन जिलों के साथ ही इनके आसपास के क्षेत्रों में भी जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। Uttar Pradesh Wather
इन जिलों में भारी बारिश के आसार
राज्य के अन्य कई हिस्सों में भी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्जापुर, चंदौली, लखीमपुर खीरी, शामली, मेरठ, अमरोहा, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वज्रपात (आकाशीय बिजली) का खतरा। Uttar Pradesh Wather
बारिश के साथ-साथ राज्य के एक बड़े हिस्से में वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों और खुले खेतों में जाने से बचें। जिन जिलों में वज्रपात की अधिक संभावना है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद और गोरखपुर के आसपास के क्षेत्र। मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए कुछ सामान्य सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। Uttar Pradesh Wather
यात्रा में सावधानी बरतें भारी बारिश के दौरान सड़कों पर दृश्यता कम हो सकती है, इसलिए वाहन धीरे चलाएं। सुरक्षित स्थान: गरज-चमक के दौरान पक्के मकानों के भीतर रहें। बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें। कृषि कार्य: वज्रपात की चेतावनी के दौरान किसानों को खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी जाती है। जलभराव: निचले इलाकों में रहने वाले लोग जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। Uttar Pradesh Wather
मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी के कारण आने वाले दिनों में मानसून का यह आक्रामक रुख बना रहेगा। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद हो सकती है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलभराव की चुनौती बढ़ सकती है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। Uttar Pradesh Wather
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