चमोली जिले के गोपेश्वर में शनिवार को करीब एक घंटे हुई तेज बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बारिश इतनी तेज थी कि देखते ही देखते बाजार की सड़कें पानी से भर गईं और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। कुछ ही देर में सड़कें गदेरे का रूप लेती नजर आईं। पानी का बहाव इतना ज्यादा था कि राहगीरों और वाहन चालकों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

तेज बारिश के दौरान बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर रखा सामान समेटना शुरू कर दिया। कई जगह पानी दुकानों और होटल के अंदर तक पहुंच गया। अचानक आए पानी को देखकर लोग अपने सामान और जरूरी चीजों को बचाने में जुट गए।

देखते ही देखते सड़कों पर भर गया पानी

बारिश शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद शहर की कई सड़कों पर पानी जमा होना शुरू हो गया। लगातार तेज धार के साथ बह रहे पानी ने सड़कों को नालों में बदल दिया। जहां आम दिनों में लोग आराम से पैदल चलते नजर आते हैं, वहीं बारिश के दौरान वहां तेज बहाव के साथ गंदा पानी बहता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पानी के साथ सड़क की गंदगी और नालियों का कचरा भी बहकर बाजार की ओर आ गया। इससे स्थिति और ज्यादा खराब हो गई। कई लोगों को पानी के बीच से निकलने में परेशानी हुई, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को भी काफी सावधानी बरतनी पड़ी।

होटल और दुकानों में घुसा गंदा पानी

बारिश का पानी बाजार में स्थित कुछ होटल और दुकानों के अंदर तक पहुंच गया। दुकानदारों ने आनन-फानन में सामान को ऊंची जगहों पर रखना शुरू किया। फर्श पर पानी भरने से दुकानों के भीतर रखा सामान खराब होने का खतरा पैदा हो गया। होटल संचालकों और कर्मचारियों ने भी बाल्टियों और अन्य साधनों से पानी बाहर निकालने की कोशिश की। कुछ दुकानदार दुकान के बाहर जमा पानी को रोकने के लिए अस्थायी इंतजाम करते नजर आए। अचानक आई बारिश के कारण किसी को संभलने का ज्यादा समय नहीं मिला।

नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

बारिश के बाद स्थानीय लोगों ने शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान नालियां पानी का दबाव नहीं संभाल पाती हैं। नालियों का पानी सड़क पर आने के साथ ही बाजार की स्थिति बिगड़ जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते नालियों और पानी की निकासी वाले रास्तों की ठीक से सफाई कराई जाए तो बारिश के दौरान जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां बारिश के पानी का तेज बहाव पहले से ही चुनौती रहता है। ऐसे में बाजार और आबादी वाले इलाकों में बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था की जरूरत महसूस होती है।

लोगों में दहशत, कुछ देर के लिए थम गई बाजार की रफ्तार

तेज बारिश के दौरान बाजार की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो गईं। दुकानदारों ने ग्राहकों को अंदर बुलाने के बजाय पहले पानी से सामान बचाने पर ध्यान दिया। सड़क पर चल रहे लोगों ने बारिश कम होने का इंतजार किया। करीब एक घंटे की बारिश के दौरान हालात ऐसे हो गए कि लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि सड़क से होकर सुरक्षित तरीके से कैसे निकला जाए। पानी का बहाव कम होने के बाद ही बाजार में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी।

पहाड़ों में मौसम बदलते ही बढ़ जाती है परेशानी

गोपेश्वर समेत चमोली के पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान अचानक जलभराव और तेज बहाव की समस्या सामने आती रही है। पहाड़ी ढलानों से आने वाला पानी तेजी से निचले इलाकों की ओर पहुंचता है। यदि नालियां और ड्रेनेज सिस्टम पर्याप्त क्षमता के नहीं हों तो पानी सड़कों पर फैल जाता है। शनिवार को गोपेश्वर में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। करीब एक घंटे की तेज बारिश ने शहर के बाजार की रफ्तार रोक दी। बारिश थमने के बाद पानी का बहाव धीरे-धीरे कम हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली।

हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया कि पहाड़ी शहरों में बारिश के पानी की निकासी को लेकर पुख्ता इंतजाम कितने जरूरी हैं। स्थानीय लोगों को अब उम्मीद है कि संबंधित विभाग जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर नालियों की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में कदम उठाएंगे।

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