जिले के सबसे बड़े महाविद्यालय में लोहाघाट में छात्र हित की विभिन्न मांगों को लेकर महाविद्यालय में ABVP और NSUI के अलग-अलग धरना-प्रदर्शन लगातार जारी हैं। बारिश के बीच भी दोनों छात्र संगठनों के कार्यकर्ता दिन-रात धरने पर डटे हुए हैं। छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ABVP का धरना अध्यक्ष रितिक ढेक के नेतृत्व में स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा के पास चल रहा है, जबकि NSUI के महाविद्यालय इकाई अध्यक्ष आयुष गोस्वामी के नेतृत्व में कॉलेज गेट पर टेंट लगाकर दिन-रात छात्र सत्याग्रह किया जा रहा है। छात्र नेताओं ने जिला प्रशासन और शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तीन दिन से दिन-रात धरना चलने के बावजूद अभी तक उनकी सुध लेने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। उनका कहना है कि छात्र लगातार बारिश के बीच अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक वार्ता या समस्याओं के समाधान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
छात्र संगठनों का कहना है कि महाविद्यालय की समस्याओं को लेकर पूर्व में कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। छात्रों की प्रमुख मांगों में विज्ञान प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना, एमए में इतिहास, समाजशास्त्र, शिक्षा शास्त्र और मनोविज्ञान विषय शुरू करना, स्थायी लाइब्रेरियन की नियुक्ति, खेल सुविधाओं में सुधार एवं खिलाड़ियों के TA/DA में वृद्धि तथा विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क बस पास अथवा बस की व्यवस्था शामिल है।
ABVP अध्यक्ष रितिक ढेक और NSUI अध्यक्ष आयुष गोस्वामी ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं, बल्कि छात्रहित और महाविद्यालय के बेहतर भविष्य के लिए है। उन्होंने कहा कि बारिश हो या कोई अन्य परिस्थिति, छात्रों का सत्याग्रह जारी रहेगा। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया और कोई जिम्मेदार अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा, तो आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक किया जाएगा। बारिश में भी धरने पर डटे छात्र अब प्रशासन की ओर टिकी निगाहें, सवाल यही कि आखिर कब पहुंचेगा कोई जिम्मेदार अधिकारी?
छात्र संगठनों का कहना है कि महाविद्यालय की समस्याओं को लेकर पूर्व में कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। छात्रों की प्रमुख मांगों में विज्ञान प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना, एमए में इतिहास, समाजशास्त्र, शिक्षा शास्त्र और मनोविज्ञान विषय शुरू करना, स्थायी लाइब्रेरियन की नियुक्ति, खेल सुविधाओं में सुधार एवं खिलाड़ियों के TA/DA में वृद्धि तथा विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क बस पास अथवा बस की व्यवस्था शामिल है।
ABVP अध्यक्ष रितिक ढेक और NSUI अध्यक्ष आयुष गोस्वामी ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं, बल्कि छात्रहित और महाविद्यालय के बेहतर भविष्य के लिए है। उन्होंने कहा कि बारिश हो या कोई अन्य परिस्थिति, छात्रों का सत्याग्रह जारी रहेगा। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया और कोई जिम्मेदार अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा, तो आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक किया जाएगा। बारिश में भी धरने पर डटे छात्र अब प्रशासन की ओर टिकी निगाहें, सवाल यही कि आखिर कब पहुंचेगा कोई जिम्मेदार अधिकारी?


