दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर देहरादून में भी राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। SFI के प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेथा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए पहले से साजिश रची गई और छात्रों पर बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया गया। वहीं आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष उमा सिसोदिया ने सरकार पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। दोनों नेताओं ने शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की बात कही।
दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के विरोध में देहरादून में भी आवाज़ बुलंद होने लगी है। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेथा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के छात्रों पर बर्बर लाठीचार्ज किया। उनका कहना है कि कई पुलिसकर्मी बिना नेम प्लेट और बिना निर्धारित पहचान के मौजूद थे तथा प्रदर्शन को रोकने के लिए पहले से पूरी तैयारी की गई थी। उन्होंने पुलिस पर सरकारी दबाव में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है।
प्रदर्शन में शामिल छात्र आर्यन कुमार ने भी पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि छात्र केवल अपनी मांगों की जवाबदेही चाहते थे, लेकिन इसके बदले उन्हें लाठियां मिलीं। आर्यन का आरोप है कि कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ भी सख्ती बरती गई।
वहीं आम आदमी पार्टी की उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष उमा सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्र लंबे समय से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया। उमा सिसोदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर मेडिकल सहायता सहित हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने छात्रों से भी अपील की कि वे अपना आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखें।
रिपोर्ट- यशदीप आर्य/सोनू सिंह

