गंगा की लहरों में फंसी एक जिंदगी
देवभूमि ऋषिकेश में इन दिनों कांवड़ यात्रा का उत्साह चरम पर है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा का जल भरने के लिए यहाँ पहुंच रहे हैं। इसी बीच, लक्ष्मण झूला क्षेत्र के गीता भवन घाट से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई। दिल्ली से आया एक कांवड़िया गंगा में जल भरने के दौरान अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गया। देखते ही देखते वह गंगा की प्रचंड धाराओं में बहने लगा, जिसे देखकर घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई।
SDRF जवान ने दिखाई अदम्य साहस
जब कांवड़िया अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था और गंगा की लहरें उसे अपने साथ बहा ले जाने को आतुर थीं, उसी समय वहां तैनात SDRF के हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश कुकरेती ने अपनी जान की परवाह किए बिना गंगा में छलांग लगा दी। बिना एक पल सोचे, उन्होंने पूरी ताकत के साथ गंगा के तेज बहाव के बीच उस कांवड़िए तक पहुंच बनाई। यह रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ था और बहाव की गति अत्यंत तीव्र थी।
सुरक्षित रेस्क्यू से बची जान
हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश कुकरेती ने अपने अनुभव और साहस का परिचय देते हुए संघर्षरत कांवड़िए को कसकर पकड़ा और उसे सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहे। घाट पर मौजूद अन्य जवानों की मदद से कांवड़िए को किनारे पर लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद कांवड़िए की हालत पूरी तरह सामान्य पाई गई। अपनी जान बचाने वाले फरिश्ते (सैनिक) को देखकर कांवड़िए की आँखें नम हो गईं, और वहां मौजूद सभी श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ SDRF जवान की बहादुरी की सराहना की।
बढ़ती जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट
गंगा में जल का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए SDRF और स्थानीय प्रशासन पहले से ही मुस्तैद है। इस घटना के बाद, SDRF ने सभी कांवड़ियों और अन्य श्रद्धालुओं से कड़ी अपील की है कि वे किसी भी सूरत में अनधिकृत या गहरे घाटों पर न जाएं। केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें और जल भरें। गंगा का प्रवाह कभी भी घातक हो सकता है, इसलिए सुरक्षा के नियमों का पालन करना हर श्रद्धालु का कर्तव्य है।
सुरक्षा के प्रति सावधानी जरूरी
ऋषिकेश में गंगा के घाटों पर अक्सर श्रद्धालु बिना गहराई का अंदाजा लगाए पानी में उतर जाते हैं, जो खतरनाक साबित होता है। एसडीआरएफ की टीम लगातार एनाउंसमेंट के जरिए लोगों को आगाह कर रही है। गंगा के तट पर तैनात जवानों का कहना है कि लोग आस्था में इतने लीन हो जाते हैं कि वे पानी की गहराई और गति को नजरअंदाज कर देते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
सेवा और समर्पण की मिसाल
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उत्तराखंड पुलिस और SDRF के जवान न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखते हैं, बल्कि वे संकट के समय में एक मसीहा की भूमिका भी निभाते हैं। हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश कुकरेती का यह साहसिक कार्य न केवल विभाग के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह आम जनता के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनकी तत्परता ने एक परिवार को उनका बेटा वापस लौटाया है।
श्रद्धालुओं से अपील
अंत में, प्रशासन ने फिर दोहराया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा सर्वोपरि है। यदि आप गंगा में स्नान कर रहे हैं, तो हमेशा लाइफ जैकेट या सुरक्षित स्थान का चयन करें। प्रशासन की टीम हर घाट पर तैनात है और उनकी गाइडलाइंस का पालन करना आप सभी की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। याद रखें, आपकी सतर्कता ही आपकी यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाती है।
रिपोर्ट- दानिश खान/सोनू सिंह


