नामची जिले के सामरदुंग (झोलुंगे) में एनएचपीसी की निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए दुखद हादसे ने सभी को शोक में डुबो दिया है। घटना मंगलवार सुबह लगभग 8:20 बजे की है, जब सुरंग में मजदूरों की एक बड़ी संख्या फंस गई। इस हादसे में मृतकों की संख्या अब तक आठ पहुंच चुकी है, और राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है। जिला प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मौके पर बचाव कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है, ताकि फंसे हुए श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
हादसे के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरंग में कार्य के दौरान कोई तकनीकी खामी या प्राकृतिक आपदा के कारण यह दुर्घटना हुई हो सकती है। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग हरकत में आए। एनएचपीसी के अधिकारियों के साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी और पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
राहत एवं बचाव अभियान में सेना, सेना की आपदा प्रबंधन टीमें, जिला प्रशासन और एनएचपीसी की टीमें शामिल हैं। सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए आवश्यक संसाधनों का प्रयोग किया जा रहा है। राहत कार्यों में मशीनों, रेस्क्यू टीमों और डॉक्टरों की टीमें लगाई गई हैं। अभी तक सात शवों को सुरंग से बाहर निकाला जा चुका है, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए सिंगताम जिला अस्पताल, एसटीएनएम अस्पताल गंगटोक और नामची जिला अस्पताल भेजा गया है। मृतक श्रमिकों के परिवारों को इस हादसे की खबर मिलते ही शोक की लहर दौड़ गई है।
आशंका जताई जा रही है कि सुरंग में फंसे अन्य श्रमिकों का भी पता लगाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है और फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस दर्दनाक घटना ने निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल पर सतर्कता की आवश्यकता को भी उजागर किया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि हादसे की विस्तृत जांच कराई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के उपाय किए जाएं।
यह घटना राज्य में निर्माण कार्यों की सुरक्षा व्यवस्था और श्रमिकों के हितों पर फिर से सोचने को मजबूर कर गई है। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। हादसे की पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है और मृतकों के परिजनों के प्रति पूरा सम्मान और सहानुभूति प्रकट की गई है।
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