गृह मंत्री ने अपने बयान में साफ किया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है, जहां यूसीसी को पूरी तरह अमल में लाया जा चुका है। इसके अलावा गुजरात, असम और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी इसे लेकर मसौदा तैयार करने और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने का काम चल रहा है। शाह ने कहा कि जैसे सरकार ने तीन तलाक को समाप्त कर मुस्लिम महिलाओं को बराबरी का हक दिया, उसी तर्ज पर अब यूसीसी को भी चरणबद्ध तरीके से देशभर में लागू किया जाएगा। फिलहाल एनडीए गठबंधन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, ओडिशा, छत्तीसगढ़, हरियाणा, असम, उत्तराखंड, त्रिपुरा, गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली, पश्चिम बंगाल के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम जैसे राज्यों में सत्ता में है। यही वे राज्य हैं, जिन्हें केंद्र सरकार अगले लोकसभा चुनाव से पहले यूसीसी के दायरे में लाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। भाजपा ने 2024 के अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी देशभर में यूसीसी लागू करने का वादा किया था।
इसी दौरान पत्रकारों ने अमित शाह से मणिपुर में एनआरसी लागू करने को लेकर भी सवाल पूछा। इस पर उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर सहयोगी दलों और मणिपुर के विभिन्न सामाजिक समूहों से लगातार बातचीत कर रही है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर शुरू होने वाले 30 दिन के ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भी ऐलान किया।
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अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले महीनों में इन राज्यों में यूसीसी को लेकर कानूनी प्रक्रिया कितनी रफ्तार पकड़ती है, क्योंकि यह मुद्दा 2029 के चुनाव से पहले देश की राजनीति में एक बड़ा केंद्र बिंदु बनता दिख रहा है।

