उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर अपनी बेबाक बयानी के लिए जाने जाते हैं। शुक्रवार को लखनऊ में ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा और तल्ख राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने अखिलेश का नाम लिए बिना ‘बबुआ’ कहकर संबोधित किया और उन पर जीवनभर परिपक्व न होने का आरोप लगाया। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के विकास के प्रति संजीदगी की कमी ही विपक्ष की सबसे बड़ी कमजोरी रही है।
विपक्ष की दिनचर्या पर योगी का तंज
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जो ताउम्र बच्चे ही बने रहते हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “बबुआ की दिनचर्या भी यही थी; वो दोपहर 12 बजे सोकर उठते थे, दो बजे तक तैयार होते थे, पांच बजते ही जिम जाने की तैयारी हो जाती थी और शाम होते-होते महफिल सज जाती थी।” सीएम ने सवाल किया कि जो नेता अपने दिन का अधिकतर समय निजी विलासिता और आराम में बिताते हों, उनके पास देश और प्रदेश के बारे में सोचने का समय कहाँ से आएगा?
कानून-व्यवस्था और सपा पर सीधा निशाना
अखिलेश यादव पर तंज कसने के साथ ही योगी ने पिछली सपा सरकार के कार्यकाल की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उस दौर में प्रदेश की महिलाएं सुरक्षित नहीं थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को सबसे बड़ा खतरा और डर उन्हीं के शासनकाल में ‘सपाइयों’ से था। योगी ने जोर देकर कहा कि आज डबल इंजन की सरकार में प्रदेश की बेटियां और व्यापारी सुरक्षित हैं, जबकि पहले के समय में अराजकता का बोलबाला था।
बुनकरों की कला को मिला सम्मान
सियासी वार-पलटवार के बीच कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुनकरों और कारीगरों का सम्मान करना था। ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ के मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हुनरमंद बुनकरों को ‘संत कबीर राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार’ से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत हमारे बुनकरों के कौशल से ही जीवंत है। इस दौरान उन्होंने ‘मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना’ के तहत लाभार्थियों को सहायता राशि और चेक भी वितरित किए।
योजनाओं का महासंगम: अम्बेडकरनगर को दी सौगात
बुनकर सम्मान के साथ-साथ इस कार्यक्रम में विकास कार्यों की भी झड़ी लगी। मुख्यमंत्री ने जनपद अम्बेडकरनगर के सर्वांगीण विकास के लिए 706 करोड़ रुपये से अधिक की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर जिले को बुनियादी सुविधाओं से लैस करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करना है। लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र और चेक वितरित करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि ये योजनाएं आम आदमी के जीवन स्तर को ऊंचा उठाएंगी।
आत्मनिर्भर यूपी की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार हुनरमंद हाथों को आधुनिक संसाधन और बाजार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पहले के समय में कारीगरों को वह सम्मान और मंच नहीं मिलता था जिसके वे हकदार थे, लेकिन आज बुनकरों और हस्तशिल्पियों की प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है। उनका मानना है कि जब तक समाज के हर तबके का विकास नहीं होगा, तब तक प्रदेश का विकास अधूरा है।
विरासत और विकास का संतुलन
लेख के अंत में यह स्पष्ट होता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों के जरिए जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। एक ओर जहाँ वे विकास परियोजनाओं की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष पर हमला करके जनता को यह याद दिलाना चाहते हैं कि पिछले शासनकाल में स्थिति क्या थी। बुनकरों के लिए किया गया यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि सरकार संस्कृति और अर्थव्यवस्था के संतुलन पर काम करना चाहती है।


