उन्नाव: यूपी में लगातार बारिश और बाढ़ के बीच कहीं घरों में पानी घुस गया है, तो कहीं सड़कें कटने से गांवों का संपर्क टूट गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
दरअसल बीघापुर तहसील क्षेत्र के सुमेरपुर में लोन नदी उफान पर है। पोरई, केदारखेड़ा, बैजुआमऊ समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सैकड़ों घरों में पानी घुसने लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। घरों से निकलना मुश्किल है और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है। वहीं बाढ़ के पानी ने पाटन-पुरवा मार्ग को भी बंद करा दिया है।
लोगों की बढ़ी मुश्किलें
बैजुआमऊ के पास सड़क कटने के बाद प्रशासन ने रास्ते पर आवागमन रोक दिया। करीब 25 गांवों के लोगों को अब तहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। हसनगंज में सई नदी का जलस्तर बढ़ने से भोगला गांव के पास सड़क का करीब 100 मीटर हिस्सा कट गया है।
शहर मुख्यालय से कटा संपर्क
ग्रामीणों के सामने अब गांव से बाहर निकलने और जरूरी सामान लाने की चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं पुरवा सीएचसी भी जलभराव की चपेट में है। अस्पताल के मुख्य गेट पर घुटनों तक गंदा पानी भरा है। मरीज और तीमारदार इसी पानी से होकर अस्पताल पहुंचने को मजबूर हैं। रसोई के पास जलभराव ने संक्रमण का खतरा और बढ़ा दिया है।
गांवों में घरों तक पानी पहुंच रहा है, सड़कें कट रही हैं और आवागमन बाधित है। ऐसे में प्रशासन के सामने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने और जलनिकासी कराने की बड़ी चुनौती है।
रिपोर्ट: शिवम पांडेय

