लखनऊ: किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC लोन के लिए रिश्वत मांगना दो बैंक अधिकारियों को भारी पड़ गया। किसान ऋण से जुड़े रिश्वतखोरी के दो अलग-अलग मामलों में लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत ने मंगलवार को दो पूर्व बैंक अधिकारियों समेत तीन दोषियों को 4 से 5 साल तक के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने दोनों मामलों में जुर्माना भी लगाया है। इनमें सुल्तानपुर के बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की हरिहरपुर शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक राकेश चंद्र ठाकुर को 5 साल की सजा सुनाई गई है, जबकि महराजगंज के पूर्वांचल बैंक की परतावल बाजार शाखा के तत्कालीन सहायक प्रबंधक रवि कुमार गुप्ता को 4 साल के कठोर कारावास की सजा मिली है। रवि गुप्ता के साथ रिश्वत लेने वाले निजी व्यक्ति इंद्रजीत सिंह उर्फ बाबू साहेब को भी 4 साल की सजा सुनाई गई।

किसान लोन के लिए मांगी थी 6 हजार की रिश्वत

दरअसल पहला मामला 12 मार्च 2018 का है। सीबीआई ने सुल्तानपुर के बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की हरिहरपुर शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक राकेश चंद्र ठाकुर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सीबीआई के मुताबिक, एक किसान ने शिकायत की थी कि उसके 4.25 लाख रुपये के KCC लोन की पहली किस्त जारी करने के एवज में राकेश चंद्र ठाकुर ने 6 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया। ट्रैप कार्रवाई के दौरान राकेश चंद्र ठाकुर को 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया गया।

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 10 मई 2018 को आरोपपत्र दाखिल किया और 21 दिसंबर 2020 को अदालत ने आरोप तय किए। करीब आठ साल तक चले मुकदमे के बाद अदालत ने मंगलवार को ठाकुर को दोषी करार देते हुए 5 साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

लोन की प्रोसेसिंग के लिए मांगे थे 15 हजार

दूसरा मामला 11 अगस्त 2016 को दर्ज हुआ था। इसमें महराजगंज के पूर्वांचल बैंक की परतावल बाजार शाखा के तत्कालीन सहायक प्रबंधक रवि कुमार गुप्ता आरोपी थे। सीबीआई के मुताबिक, शिकायतकर्ता किसान से KCC लोन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। मामले में रिश्वत की रकम सीधे लेने के बजाय निजी व्यक्ति इंद्रजीत सिंह उर्फ बाबू साहेब के जरिए 10 हजार रुपये स्वीकार किए गए। सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए दोनों को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले में अदालत ने रवि कुमार गुप्ता और इंद्रजीत सिंह दोनों को 4-4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 40-40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

लोन को बनाया रिश्वत का जरिया

दोनों मामलों में आरोपियों ने किसान को बैंक से मिलने वाले KCC लोन की प्रक्रिया को ही रिश्वतखोरी का जरिया बना लिया। एक मामले में 4.25 लाख रुपये की पहली किस्त जारी करने के बदले 6 हजार रुपये मांगे गए, जबकि दूसरे मामले में KCC लोन की प्रोसेसिंग के लिए 15 हजार रुपये की मांग का आरोप लगा। सीबीआई की ट्रैप कार्रवाई और जांच के बाद मामला अदालत तक पहुंचा और अब विशेष अदालत ने दोनों मामलों में दोषियों को सजा सुनाकर साफ संदेश दिया है कि सरकारी बैंकिंग व्यवस्था में किसान के जायज काम के लिए रिश्वत मांगना महंगा पड़ सकता है।

एक ही दिन में तीन दोषियों को सजा

25 अगस्त को लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत के इन दो फैसलों में कुल तीन दोषियों को सजा हुई। राकेश चंद्र ठाकुर को 5 साल, जबकि रवि कुमार गुप्ता और इंद्रजीत सिंह को 4-4 साल का कठोर कारावास मिला। दोषी राकेश चंद्र ठाकुर को 5 साल कठोर कारावास के साथ 25 हजार रुपये जुर्माना और रवि कुमार गुप्ता को 4 साल कठोर कारावास के अलावा 40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।

इसके अलावा इंद्रजीत सिंह उर्फ बाबू साहेब को अदालत ने 4 साल कठोर कारावास के साथ 40 हजार रुपये जुर्माना की सज़ा सुनाई है। दोनों मामलों में सीबीआई की कार्रवाई के बाद मुकदमा चला और अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को सजा सुनाई।

रिपोर्ट- फरमान अब्बास मन्जुल

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