नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से बड़ा झटका लगा है। दरअसल यूपी और राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश, लाइव स्ट्रीमिंग, वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और इंटरव्यू पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
सीजेपी की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि स्कूलों की वास्तविक स्थिति को दिखाने पर रोकना या प्रतिबंध लगाना देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हैं। हालांकि कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और अनुच्छेद 32 के तहत इस पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
स्कूल ठीक करो कैंपेन पर ब्रेक ?
बता दें कि नीट परीक्षा विवाद मामले में धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने के लिए बाध्य करने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने ‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन शुरू किया था और इसका नेतृत्व सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके खुद कर रहे थे। इसके बाद राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में यूट्यूबर्स और सीजेपी के नेता कैमरा लेकर वीडियो बनाने पहुंच रहे थे और सरकारी स्कूलों की हालत दिखा रहे थे।
राजस्थान में कई स्कूलों की खराब हालत सामने आने के बाद राज्य सरकार की किरकिरी हुई। इसके बाद प्रशासन ने स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश समेत वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी, इंटरव्यू पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस दौरान सीजेपी के कुछ प्रवक्ता से मारपीट की खबरें भी सामने आई थी।
SC का सुनवाई से इनकार
इसके बाद राज्य सरकार के इस फैसले को सीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जिसके बाद इस पर कोर्ट ने आज सुनवाई की और उनकी याचिका को खारिज कर दिया। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने याचिका को खारिज कर दिया और कहा हम अनुच्छेद 32 के तरह इस पर सुनवाई नहीं करेंगे।
वकील नरेंद्र मिश्रा द्वारा दायर इस याचिका में यूपी और राजस्थान सरकार के इन प्रतिबंधों को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के सुनवाई से इनकार के बाद यूपी और राजस्थान जैसे राज्यों सरकारों का फैसला फिलहाल लागू रहेगा और स्कूल में प्रवेश के लिए पहले इजाजत लेनी होगी।
रिपोर्ट: कुणाल कौशल

