लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय शनिवार को एक बड़े सियासी बदलाव का गवाह बना। अखिलेश यादव के नेतृत्व में बसपा, भाजपा और एआईएमआईएम जैसे विभिन्न दलों के कई दिग्गज नेताओं ने सपा की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान पूर्व विधायकों से लेकर जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों तक की मौजूदगी ने पार्टी की बढ़ती ताकत का संकेत दिया।
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने चुटीले लहजे में तंज कसा कि पता नहीं क्यों, लोगों को पीडीए के ‘P’ और ‘D’ अक्षरों से ही पेट दर्द होने लगता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी चुनावों को लेकर पीडीए के संकल्प में किसी भी अन्य दल की तुलना में कहीं अधिक मजबूती है।
इस दौरान AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्दुल मन्नान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा मौर्य, समाजवादी पार्टी से पूर्व विधायक रहे हेमराज वर्मा ने भी सपा में वापसी की है। प्रतापगढ़ के रानीगंज से 2007 में बसपा से विधायक रहे राम शिरोमणि शुक्ला ने भी सपा का दामन थामा है।
नए साथियों का स्वागत करते हुए अखिलेश ने भरोसा जताया कि इन नेताओं के आने से समाजवादी पार्टी और भी सशक्त होगी। अपने चिर-परिचित अंदाज में विरोधियों पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि देश और प्रदेश में संकीर्ण सोच रखने वाले लोग पीडीए के समीकरण से बुरी तरह डरे हुए हैं।
सपा प्रमुख के साथ वरिष्ठ सपा नेता राजेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे। राजेंद्र चौधरी ने कहा कि सपा 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरने के लिए तैयार है।

