समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम के बेटे और अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव की आज लखनऊ में है। पत्नी अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए श्रद्धांजलि कार्ड ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। दरअसल, रविवार शाम अपर्णा यादव ने जो कार्ड साझा किया, उसमें अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल यादव समेत यादव परिवार के कई प्रमुख सदस्यों के नाम शामिल थे। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि लंबे समय से चली आ रही पारिवारिक दूरियां अब खत्म हो सकती हैं और यादव परिवार एक बार फिर एकजुट दिखाई दे सकता है। लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर दोपहर 12 बजे से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया है। कार्यक्रम में परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार, समाजवादी पार्टी के नेता और विभिन्न दलों के कई वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं।

कार्ड में प्रतीक और अपर्णा यादव की दोनों बेटियों प्रज्ञजा और प्रथमा के साथ साथ अमन, अदिति और अत्याना के नाम भी शामिल किए गए हैं । अमन बिष्ट, अपर्णा यादव के भाई हैं, अदिति, अखिलेश यादव की बेटी हैं।जबकि अत्याना, अमन बिष्ट की बेटी हैं। परिवार के विभिन्न सदस्यों के नाम एक साथ सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे परिवार में बढ़ती नजदीकियों और रिश्तों में नरमी के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है
हालांकि, कुछ ही देर बाद अपर्णा यादव ने एक दूसरा कार्ड भी शेयर किया, जिसमें अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और तेजप्रताप यादव समेत परिवार के नाम भी शामिल थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों कार्डों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। लोग इसे यादव परिवार की एकजुटता और बदलते राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। यादव परिवार लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति का केंद्र रहा है। परिवार के भीतर रिश्तों और राजनीतिक मतभेदों को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में प्रतीक यादव की तेरहवीं के दौरान परिवार के सभी प्रमुख सदस्यों का एक साथ आना राजनीतिक और सामाजिक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।
मुलायम सिंह यादव के परिवार के लगभग सभी सदस्य इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इससे पहले नेताजी मुलायम सिंह यादव के निधन के दौरान भी पूरा परिवार एक साथ दिखाई दिया था। उस समय सैफई में कई दिनों तक परिवार के सदस्य हर धार्मिक और पारिवारिक संस्कार में साथ शामिल हुए थे। अब प्रतीक यादव की तेरहवीं में भी उसी तरह परिवार के एक साथ आने की संभावना जताई जा रही है।
अपर्णा यादव के आवास पर पिछले दो दिनों से तेरहवीं की तैयारियां चल रही हैं। पूरे लखनऊ शहर में श्रद्धांजलि सभा को लेकर होर्डिंग्स लगाए गए हैं और परिवार की ओर से शुभचिंतकों से कार्यक्रम में पहुंचकर श्रद्धांजलि देने की अपील की गई है। माना जा रहा है कि समाजवादी पार्टी, भाजपा और अन्य दलों के कई नेता और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। प्रतीक यादव के निधन से पूरे यादव परिवार और उनके करीबी समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई
प्रतीक यादव की तेरहवीं के साथ ही मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई की एक पुरानी परंपरा भी चर्चा में आ गई है। दरअसल, सैफई गांव में वर्षों पहले ग्रामीणों ने सामूहिक सहमति से यह तय किया था कि किसी के निधन पर ‘तेरहवीं भोज’ आयोजित नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना था। इसी परंपरा का पालन करते हुए जब मुलायम सिंह यादव का निधन हुआ था, तब अखिलेश यादव ने भी तेरहवीं पर सामूहिक भोज का आयोजन नहीं किया था। उस समय केवल 11वें दिन शुद्धि, हवन और श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई थी।
वहीं, अब प्रतीक यादव की तेरहवीं पर लखनऊ में श्रद्धांजलि सभा और त्रयोदशी संस्कार का आयोजन किया जा रहा है। परिवार की ओर से इसे एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम के रूप में रखा गया है, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।


