अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक दुर्लभ और रोमांचक खगोलीय घटना घटित होने वाली है। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) के ‘Falcon-9’ रॉकेट का एक हिस्सा, जो पिछले कई वर्षों से अंतरिक्ष में भटक रहा था, अब चंद्रमा से टकराने के लिए तैयार है। यह घटना विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बुधवार को होगा चंद्रमा के साथ टकराव
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह टक्कर बुधवार को भारतीय समयानुसार दोपहर 12:05 बजे होने वाली है। यह रॉकेट का वह ऊपरी हिस्सा (बूस्टर स्टेज) है जो मिशन पूरा होने के बाद अंतरिक्ष में ही छूट गया था और गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव में भटकते हुए अब चंद्रमा की ओर बढ़ गया है।
तीव्र गति और धूल का गुबार
इस टकराव की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रॉकेट का यह टुकड़ा लगभग 8,700 किलोमीटर प्रति घंटा (अर्थात 2.5 किलोमीटर प्रति सेकंड या मैक-7) की रफ्तार से चंद्रमा की सतह से टकराएगा। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस जोरदार टक्कर से चंद्रमा की सतह पर एक विशाल गड्ढा बन सकता है।
प्रभाव के कारण चंद्रमा की धूल का गुबार लगभग 50 किलोमीटर की ऊंचाई तक उठने की संभावना है। हालांकि, यह घटना पृथ्वी से सीधे खुली आँखों से देखना संभव नहीं होगा, लेकिन शक्तिशाली दूरबीनों (Telescopes) के माध्यम से इस धूल के गुबार को कुछ क्षणों के लिए देखा जा सकेगा। Falcon-9
क्यों है यह घटना वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण?
खगोलविदों के लिए यह घटना किसी वरदान से कम नहीं है। चंद्रमा की सतह से टकराने के बाद जो धूल उड़ेगी, उससे वहां की आंतरिक संरचना के बारे में नई जानकारी मिलने की उम्मीद है। आमतौर पर चंद्रमा की सतह पर इंसानों द्वारा किए गए प्रयोग या प्राकृतिक उल्कापिंडों का गिरना ही हमें सतह के बारे में जानकारी देता है। अब, मानव निर्मित एक भारी वस्तु के टकराने से चंद्रमा की मिट्टी और वहां की भूगर्भीय स्थितियों पर अध्ययन करने का अनूठा मौका मिलेगा। Falcon-9
क्या पृथ्वी को कोई खतरा है?
SpaceX के इस रॉकेट पार्ट के चंद्रमा से टकराने से पृथ्वी को किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। यह घटना पूरी तरह से चंद्रमा के सुदूर हिस्से या उसके प्रभावित क्षेत्र में हो रही है। यह महज एक तकनीकी घटना है, जिसमें अंतरिक्ष में छोड़ा गया कचरा अपने अंतिम पड़ाव तक पहुँच रहा है। एलन मस्क की कंपनी और नासा जैसे प्रमुख अंतरिक्ष संस्थान इस पूरी प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। Falcon-9
अंतरिक्ष कचरे पर फिर उठी बहस
इस घटना ने ‘स्पेस डेबरी’ (Space Debris) यानी अंतरिक्ष कचरे के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। आज पृथ्वी की कक्षा में हजारों की संख्या में रॉकेट के हिस्से, पुराने उपग्रह और मलबे घूम रहे हैं। फाल्कन-9 का यह उदाहरण यह सोचने पर मजबूर करता है कि भविष्य में अंतरिक्ष अभियानों के दौरान मलबे के प्रबंधन को लेकर और अधिक कड़े नियम बनाने की आवश्यकता है। Falcon-9
महत्वपूर्ण खगोलीय घटना
बुधवार को होने वाली यह टक्कर विज्ञान के लिए एक प्रयोग जैसा है। हालांकि हम इसे सीधे देख नहीं पाएंगे, लेकिन इस टक्कर से उत्पन्न होने वाली धूल के कण भविष्य में चंद्रमा की उत्पत्ति और विकास को समझने में वैज्ञानिकों की मदद करेंगे। यह घटना न केवल स्पेसएक्स के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना साबित होगी। Falcon-9

