Pahalgam Terror Attack: जम्मू स्थित एक विशेष एनआईए न्यायालय ने आतंकवाद से जुड़े एक मामले में निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए लश्कर-ए-तैबा (LETT) के संस्थापक और नामित आतंकवादी हाफिज मोहम्मद सईद की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ को आवश्यक बताया है। कोर्ट ने उसके खिलाफ अनिश्चितकालीन गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है।
विशेष न्यायाधीश प्रेम सागर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 75 के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दायर एक आवेदन पर यह आदेश पारित किया है। एफआईआर में आरोपी संख्या 8 के रूप में नामित हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की गई थी। अदालत ने पाया कि निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के लिए आरोपी की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
न्यायालय की कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए आरोपी हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी करने का निर्देश दिया और वारंट को कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निष्पादन के लिए उप महानिरीक्षक (DIG), एनआईए, जम्मू को भेज दिया। एनआईए के आवेदन के अनुसार, इस मामले में पहले ही एक पूरक आरोप पत्र दायर किया जा चुका है। एजेंसी ने बताया कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा निवासी हाफिज मोहम्मद सईद को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत नामित आतंकवादी घोषित किया गया है और वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैबा (LETT) का संस्थापक है। इसमें आगे यह भी कहा गया कि वह पाकिस्तान से काम कर रहा है और जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है, जिसके कारण आगे की कानूनी कार्यवाही और जांच को सुविधाजनक बनाने के लिए अनिश्चितकालीन गैर-जमानती वारंट जारी करना आवश्यक हो गया है।
एनआईए के जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत दलीलों और आवेदन की सामग्री पर विचार करने के बाद, अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली और आवेदन का निपटारा कर दिया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 147, 148, 149, 150 और 61(2) के तहत तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 16, 17, 18, 19, 20, 38, 39 और 40 के तहत अपराधों के लिए मामला दर्ज किया गया है।
यह मामला 22 अप्रैल, 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले से संबंधित है। जिसमें जम्मू और कश्मीर के पहलगाम के पास बैसरन मैदान में आतंकवादियों द्वारा गोलीबारी करने के बाद पर्यटकों सहित 26 नागरिक मारे गए थे। जांच का जिम्मा संभालने वाली एनआईए ने आरोप लगाया है कि यह हमला प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैबा (एलईटी) के पाकिस्तान स्थित गुर्गों द्वारा रचा गया था। एनआईए की पूरक आरोप पत्र में एलईटी के संस्थापक और नामित आतंकवादी हाफिज मोहम्मद सईद को आरोपी संख्या 8 के रूप में नामित किया गया है और उस पर हमले के पीछे की बड़ी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

